2 अगस्त से युवती लापता
पीड़िता के परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी सिलाई का काम करती है। काम पर वह रोजाना अपनी सहेली के साथ जाती है। बीते 2 अगस्त की शाम करीब 7 बजे उनकी बेटी एक गुरुद्वारा में माथा टेकने गई थी लेकिन वहां से वापस नहीं लौटी। देर रात उसकी तलाश की गई लेकिन उसका पता नहीं लग सका, जिसके बाद रात करीब 1.30 बजे मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
राहगीर के मोबाइल से किया गया था धमकी भरा फोन
परिजनों ने आरोप में बताया कि उनकी बेटी के लापता होने के बाद रिश्तेदारों के घर भी काफी खोजबीन की गई। अगले दिन अचानक याद आया कि जिस दिन उनकी बेटी लापता हुई, उसी सुबह पीड़िता की मां के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से धमकी भरा फोन आया था। फोन पर एक महिला ने बात की और उसने कहा कि अगर उसने अपने बच्चों से नहीं मिलवाया तो उसे महंगा पड़ जाएगा लेकिन इस फोन को किसी ने सीरियस नहीं लिया था।
ऐसे पहुंची आरोपी महिला तक पुलिस
अगले दिन परिजनों ने धमकी देने वाले मोबाइल नंबर पर फोन किया तो रामदरबार निवासी एक युवक बोल रहा था। उसने कहा कि वह सेक्टर-29 ट्रैफिक पुलिस हेडक्टवार्टर में चालान भुगतान करने गया था। इस दौरान उसे युवती और एक महिला मिली थी। उन लोगों ने अपनी मजबूरी का झांसा देकर उसके मोबाइल से कहीं बात की थी।
युवक ने बताया कि युवती के हाथ में एक टैटू बना था, जिसके बाद परिजनों को पता चला कि उनकी बेटी के साथ काम करने वाली सहेली के हाथ में भी टैटू बना है। इसके बाद युवक से पहचान करवाई तो मामला साफ हो गया और पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का आरोप
परिजनों का आरोप है कि बेटी की सहेली की मां ने उसे कोई नशीली दवाई सुंघाकर ट्रिब्यून चौक के पास से किडनैप किया। आरोप है कि एक दिन तक बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसे सेक्टर-32 सर्वे ऑफ इंडिया बिल्डिंग के पास छोड़ दिया गया। इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई।