देहरादून में एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच हुए खूनी संघर्ष के मामले में कई दिन की चुप्पी के बाद पुलिस ने एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विनीत भट्ट समेत चार छात्र नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों पक्षों में कई बार हुआ संघर्ष
इनमें दो छात्र नेता एबीवीपी के हैं। एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच झगड़े की शुरुआत 19 जुलाई को एक बर्थडे पार्टी में हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों में 20 और 21 जुलाई को भी कई जगह संघर्ष हुआ था।
इस झगड़े को छात्रसंघ चुनाव में वर्चस्व की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा था। इसी विवाद में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष विनीत प्रसाद भट्ट की कार भी तोड़ दी गई थी।
इस मामले में अभाविप नेता नामजद हुए थे, जबकि डालनवाला निवासी एबीवीपी से जुड़े राहुल राय पर जान लेवा हमले में विनीत प्रसाद भट्ट, मोहन भंडारी आदि नामजद हुए थे।
इस मामले में पुलिस ने 67 छात्र नेताओं को मुचलकों में पाबंद करने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में चालानी रिपोर्ट दी थी। बुधवार को पुलिस अचानक हरकत में आ गई।
एसपी सिटी अजय सिंह की अगुवाई में कोतवाली और डालनवाला पुलिस ने एबीवीपी के मुकेश बिष्ट, शुभम सेमल्टी को डीएवी कॉलेज से गिरफ्तार किया।
बाद में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विनीत प्रसाद भट्ट उर्फ बंटू और मोहन भंडारी का पकड़ लिया गया। इन छात्रों को सीधे कोर्ट ले जाया गया। जहां से मुकेश को तो जमानत मिल गई, जबकि अन्य को जेल भेज दिया गया।
एबीवीपी ने किया हंगामा
पुलिस कार्रवाई के विरोध में एबीवीपी के छात्रों ने डालनवाला कोतवाली पहुंचकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि पुलिस एक पक्षीय कार्रवाई कर रही है।
बाद में एनएसयूआई नेताओं की गिरफ्तारी की बात बताई गई तो वे शांत हो गए। एसपी सिटी ने बताया कि अन्य आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।