पीछे-पीछे युवती के माता-पिता भी चल दिए। पुलिस ने युवती को सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय के समक्ष पेश किया। पता चला कि युवती ने गौजाजाली उत्तर निवासी सूबेदार पाल के बेटे दीपक कुमार पाल से तीन अक्तूबर 2017 को कोर्ट मैरिज की थी। दोनों ने अपने परिजनों से शादी की बात छिपाए रखी। परिवार के लोगों ने युवती की शादी मुरादाबाद के युवक से तय कर दी थी।
इसकी जानकारी मिलने पर दीपक कुमार ने सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रार्थनापत्र दिया कि उसकी पत्नी को परिजनों ने बंधक बना रखा है। उसकी पत्नी आने के लिए बार-बार एसएमएस कर रही है। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मामले में मंगलवार को सर्च वारंट जारी कर दिया। बुधवार को वारंट काठगोदाम पुलिस को मिला। लड़की ने बताया कि उसने दीपक के साथ कोर्ट मैरिज की है।
हालांकि उसने यह भी कहा कि यह शादी भी उसकी मर्जी से हो रही थी लेकिन अब वह नारी निकेतन जाना चाहती है। शादी करना नहीं चाहती है। इस मामले में मजिस्ट्रेट ने युवक से पूछा कि शादी के चार महीने बाद तक पत्नी को घर क्यों नहीं लेकर गए। लड़के ने कहा कि परिजनों ने उसे बंधक बना रखा था। मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पुलिस ने युवती को नारी निकेतन में दाखिल कर दिया।
अपनी मर्जी से गई नारी निकेतन
सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय ने बताया कि युवती दीपक कुमार पाल की वैधानिक पत्नी है। वह अपनी मर्जी से नारी निकेतन गई है। जब लड़की अनुरोध करेगी तो उसका बयान कराया जाएगा। चूंकि लड़की और लड़के बालिग और शादीशुदा है इस कारण दूसरी शादी अवैध मानी जाएगी। हालांकि लड़की ने बयान दिया कि मुरादाबाद की शादी भी उसकी मर्जी से रही थी, नियमानुसार पुलिस ने अवैध शादी होने से रोक दिया है।
दो साल पहले हुई थी दोस्ती
दीपक कुमार पाल का कहना था कि दो साल पहले दोनों की मुलाकात एक शादी समारोह में हुई थी। इसके बाद दोस्ती हो गई। दोनों सिडकुल में काम करते थे। हंगामे के डर से दोनों ने शादी की बातें छिपाए रखी।