भयानक भूकंप यादकर लोगों की आंखें भर आईं
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स्कूल और लाइब्रेरी भवनों के निर्माण में 350 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। स्कूल और लाइब्रेरी भवन का डिजायन तैयार करने और निर्माण कार्यों की मॉनीटरिंग सीबीआरआई के वैज्ञानिक करेंगे, जबकि निर्माण कार्य नेपाल सरकार कराएगी।
वर्ष-2015 में आए विनाशकारी भूकंप को ‘गोरखा अर्थक्वेक’ के नाम से भी जाना जाता है। रिक्टर पैमाने पर 7.8 क्षमता वाले इस भूकंप से 9000 लोगों की मौत हो गई थी और 22000 से अधिक लोग घायल हो गए थे। आज तक भी नेपाल सरकार प्रभावित इलाकों में बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पटरी पर नहीं ला पाई है।
विदेश मंत्रालय के निर्देश पर संस्थान नेपाल के सात जिलों में भूकंप से तबाह हुए स्कूलों की जगह 70 नए स्कूल और दो लाइब्रेरी भवनों का निर्माण करेगा। भूकंपरोधी तकनीक पर बनाए जाने वाले भवनों से जुड़ा प्रस्ताव विदेश मंत्रालय को भेज दिया गया है। मंत्रालय के अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
- डा. गोपाल कृष्णन, निदेशक , केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की