फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चे की चाह में इस हद तक गुजर गई महिला, पुलिस के सामने कबूला जुर्म

Fri, 17 Nov 2017 12:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
संतान मोह में एक महिला इस हद तक गुजर गई कि उसे जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा। पुलिस ने बच्चा चोरी के आरोप में पकड़ी गई महिला और दो मददगारों को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया। जांच में पता चला कि संतान के मोह में महिला ने बच्चा चुराया था। मामला मानव तस्करी का नहीं पाया गया। महिला दस
विज्ञापन


दिन से बच्चा चुराने की फिराक में थी। उसने दो-तीन बार घर के आसपास रेकी भी की थी। सोमवार को रिश्तेदार की मौत की जानकारी मिलने पर उसे बच्चा चुराने का मौका मिल गया। उसने वारदात को अंजाम तो दिया, लेकिन ज्यादा देर तक पुलिस से बच नहीं सकी।सोमवार को आरआर क्वाटर सुभाष कालोनी निवासी

सोनू रंधावा के तीन महीने के बेटे हरमन को घर से अज्ञात महिला ले गई थी। एसएसपी के निर्देश पर तत्काल विभिन्न टीमों का गठन कर नवजात को तलाश किया गया। सीसीटीवी कैमरे में कैद महिला की फोटो जगह-जगह लोगों को दिखाई गई।
विज्ञापन


मुखबिर की सूचना पर होटल वृंदावन के पास महिला शांति कौर पत्नी जसविंदर निवासी दीलीपुर थाना मिलक मुरादाबाद और हाल निवासी आदर्श कालोनी को उसके साथी ओमकार उर्फ चेतन पुत्र जसवीर सिंह निवासी मुडियासैन हजरतनगर मुरादाबाद के साथ गिरफ्तार कर लिया था।

सीओ स्वतंत्र कुमार ने बताया कि महिला ने स्वीकारा कि उसकी कोई संतान नहीं है, इसलिए उसने संतान की खातिर ओमकार की मदद से हरमन का अपहरण किया था। लाडी और ओमकार ने उसकी मदद की थी। तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।
Trending Videos
विज्ञापन

सोनू की दूर की रिश्तेदार है आरोपी, 15 मिनट में दिया वारदात को अंजाम

जेल
सीओ स्वंतत्र कुमार ने बताया कि आरोपी शांति कौर की सोनू रंधावा के परिवार से दूर की रिश्तेदारी है। वे आपस में एक दूसरे को पहचानते हैं। इसलिए शांति को पता था कि सोनू के रिश्तेदारी में मौत हुई है और महिलाएं

गुरुद्वारा जाती हैं। उसने 15 मिनट में ही सोनू के घर जाकर वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस को अंदेशा था कि घटना में लिप्त महिला परिचित ही होगी।

10 दिन पहले लगवाई थी नौकरी
बच्चे के अपहरण के मामले में पकड़े गए लाडी ने दस दिन पहले ही शांति कौर की नौकरी टाइल फैक्ट्री में लगवाई थी। जांच के दौरान पुलिस को महिला का बैग बाइक पर ले जाता ओमकार सीसीटीवी में कैद हुआ था। पुलिसयह नहीं बता पाई कि लाडी और ओमकार की शांति कौर से पहचान कहां हुई। सीओ का कहना था कि शांति बच्चे को पालने के मकसद से बिलासपुर ले जाने का मंसूबा पाले थी।

पांच किलो आटा किया था वापस, दुकानदार ने पहचाना
सीओ ने बताया कि सुभाष कालोनी के चौराहे पर किराने की दुकान चलाने वाले से पुलिस को काफी मदद मिली। दुकानदार को जब पुलिस ने फोटो दिखाया तो उसने महिला को पहचान लिया। बताया कि कुछ दिन पहले ही

महिला खरीदा गया पांच किलो आटा यह कहकर लौटा गई थी कि उसे पंजाब जाना है। दुकानदार से मिली जानकारी से महिला को खोजने में काफी मदद मिली। बताया कि गल्ला मंडी और सुभाष कालोनी के लोगों ने पुलिस की काफी मदद की थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें