रुड़की में बम विस्फोट और एक स्कूली छात्र की मौत के बाद पूरे प्रदेश में पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। सीएम हरीश रावत ने सूचना मिलते ही एडीजी (लॉ एंड आर्डर) आरएस मीणा को रुड़की रवाना कर दिया। सीएम ने घटना को दुखद बताते हुए जांच की बात कही है।
शनिवार दोपहर घटना के वक्त मुख्यमंत्री राजधानी में होमगार्ड दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान ही जानकारी मिली तो उन्होंने एडीजी मीणा समेत वरिष्ठ अफसरों संग स्थिति पर चर्चा की।
रुड़की के अधिकारियों से फोन पर जानकारी ली गई। तुरंत बाद प्रदेश में पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। हरिद्वार में मौजूद पीएसी की दो प्लाटून को शनिवार को दून लौटना था, लेकिन अगले निर्देश तक दोनों को वहीं रहने के लिए कहा गया। इसके अलावा दून से एक कंपनी को भी रुड़की भेजा गया है।
विहिप की सभा में धमाके की खबर सुन हड़कंप
शुरुआती सूचना यह आई थी कि विस्फोट रुड़की के डीएवी कॉलेज में विहिप की ओर से आयोजित सभास्थल में हुआ है। वहां भाजपा विधायक संगीत सोम की मौजूदगी थी। ऐसे में स्थिति बिगड़ने की आशंका ने पुलिस और सरकार की चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि, कुछ देर बाद साफ हो गया कि विस्फोट सभास्थल से कुछ दूरी पर हुआ है।
राष्ट्रपति के दौरे के लिए सतर्कता
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 12 दिसंबर को दून आ रहे हैं। इस बीच आईएमए में पासिंग आउट परेड भी होनी है। ऐसे में विस्फोट के बाद डीजीपी बीएस सिद्धू ने पुलिस को सतर्क रहने के लिए कहा है।
गंभीर घटना, तह तक होगी जांच
रुड़की में विस्फोट की घटना बेहद गंभीर है। पूरे मामले की तह तक जांच कराई जाएगी। एक स्कूली बच्चे की मौत भी हुई है। मैं अफसरों से लगातार संपर्क बनाए हुए हूं। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री
डीजीपी ने साजिश से किया इनकार
रुड़की विस्फोट के मामले में प्रथमदृष्ट्या किसी तरह की साजिश नहीं लग रही। विस्फोट ज्यादा शक्तिशाली भी नहीं था। फिर भी गहराई से जांच की जा रही है। बम निरोधक दस्ते और दूसरी टीमों ने घटनास्थल के पास से मिली सामग्री परीक्षण के लिए कब्जे में ली है।
-बीएस सिद्धू, डीजीपी
जल्द साफ होगी पूरी तस्वीर
मामले की तस्वीर जल्द साफ होगी। पता लगाया जा रहा है कि बच्चे के पास विस्फोटक कहां से आया, जबकि वह स्कूल से लौट रहा था। गनीमत यह रही कि विस्फोटक शक्तिशाली नहीं था, अन्यथा बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। पीछे अन्य छात्र भी थे।
-राम सिंह मीणा, एडीजी, कानून व्यवस्था