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शिवलिंग चोटी पर फंसे पोलैंड के एक ट्रैकर की मौत, चोटी से कुछ दूर दूसरा पड़ा है बेहोश

Fri, 14 Oct 2016 11:10 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, उत्तरकाशी
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डेमो - फोटो : demo pic
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गोमुख के ऊपर 6543 मीटर की ऊंचाई पर स्थित शिवलिंग चोटी पर फंसे पोलैंड के दो पर्वतारोहियों में से एक की मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ट्रैकर के शव को बेस कैंप में ला रही है। वहीं आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र संजय गुंज्याल के नेतृत्व में दूसरा दल शिवलिंग पर्वत पर फंसे ट्रैकर को रेस्क्यू करने के लिए पैदल ही ट्रैकिंग कर रहा है।
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रेस्क्यू कार्य में एसडीआरएफ के साथ निम के पांच सदस्य, एयरफोर्स के जवान जुटे हैं, जो अलग-अलग ग्रुप में सर्च एंड रेस्क्यू में जुटे हैं। निम के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि इंस्ट्रक्टर दशरथ सिंह रावत से सैटेलाइट से हुई बातचीत में पता चला कि निम और इंडियन आर्मी टीम बीमार लुकास्ज जॉन के पास पहुंचने ही वाला था कि तभी वह पहाड़ी से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि ट्रैकर के शव को एडवांस बेस कैंप में लाया जा रहा है। बताया कि ट्रैकर लुकास्ज जॉन 53 हजार दो सौ मीटर की दूरी पर था। निम व इंडियन आर्मी टीम में क्यूरेटर विशाल रंजन, इंस्ट्रक्टर दशरथ सिंह रावत, सूबेदार प्रकाश भट्ट, सूबेदार सीबी थापा, गिरीश रणाकोटी, राकेश राणा शामिल हैं।
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दूसरा पर्वतारोही पड़ा है बेहोश

आईजी गढ़वाल के अनुसार टीम की ओर से हेलीकॉप्टर की सहायता से पता चला है कि दूसरा पर्वतारोही शिवलिंग चोटी से कुछ मीटर दूरी पर बेहोश पड़ा है। उसे बचाने के लिए एयर फोर्स के हेलीकॉप्टर से मदद मांगी जा रही है। सैटेलाइट के जरिए दोपहर बाद एसडीआरएफ टीम से संपर्क हुआ था, लेकिन अभी रेस्क्यू बाकी है, जो शुक्रवार तक पूरा हो सकता है।

बता दें इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन की ओर से पोलैंड के पर्वतारोहियों का दल शिवलिंग पर्वत पर फतह करने के लिए 22 सितंबर को गंगोत्री से रवाना हुआ था। 24 सितंबर को दल तपोवन पहुंचा और 26 को बेस कैंप होते हुए एडवांस बेस कैंप पहुंचा, लेकिन इसके बाद दल के दो सदस्य लुकास्ज जॉन व ग्रजेगुज माइकल बीमार हो गए।

बीते मंगलवार को दल का एक सदस्य उत्तरकाशी लौटा और इसकी सूचना पोलैंड के दूतावास को दी। विदेश मंत्रालय के माध्यम से यह सूचना प्रशासन को मिली।

इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल बुधवार को एसडीआरएफ के चार जवानों व पोलैंड के दो पर्वतारोहियों के साथ हेलीकाप्टर से रवाना हुए, लेकिन शिवलिंग चोटी पर हेलीकाप्टर उतारने को जगह नहीं मिलने पर तपोवन में हेलीकाप्टर की लैडिंग करानी पड़ी। यहां टीम को अन्य पर्वतारोही मिल गए, जिन्हें साथ में लेकर वे पैदल ही टैकिंग पर रवाना हो गए।
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