शिवलिंग चोटी (6543 मीटर) पर फंसे दूसरे पर्वतारोही को अभी तक रेक्स्यू करने में कामयाबी नहीं मिल पाई है। निम टीम के वापस लौटने के बाद अब आर्मी और एसडीआरएफ ने वहां रेस्क्यू कार्य का मोर्चा संभाला हुआ है।
पर्वतारोही ग्रजेगुज माइकल का नहीं पता
एसपी ददन पाल ने बताया कि दूसरा पर्वतारोही ग्रजेगुज माइकल के शिवलिंग चोटी पर 6200 मीटर ऊंचाई के आस-पास फंसे होने की बात सामने आ रही है, जिसके रेस्क्यू के लिए टीम गई है।
पर्वतारोही को चिन्हित नहीं कर पाए
हालांकि अभी तक टीम को रेस्क्यू करने में सफलता नहीं मिल पाई है। वहीं डीएम दीपेन्द्र कुमार चौधरी का कहना है कि रेस्क्यू टीम द्वारा कई बार प्रयास किया गया, लेकिन दूसरे पर्वतारोही को चिन्हित नहीं कर पाए हैं। यही कारण है कि अभी तक रेस्क्यू नहीं हो पाया है।
लुकास्ज जॉन की हो गई मौत
दूसरी तरफ नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि उन्हें आर्मी की ओर से 5300 मीटर ऊंचाई पर फंसे लुकास्ज जॉन को रेस्क्यू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। टीम ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू करने का प्रयास भी किया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
दूसरे टास्क का जिम्मा नहीं मिला टीम को
टीम द्वारा उसके शव को वहां से निकालकर आर्मी कैंप तक लाया गया। कर्नल ने बताया कि फिलहाल उन्हें दूसरा टास्क नहीं मिला है। अगर सरकार या आर्मी की तरफ से दूसरे पर्वतारोही को रेस्क्यू करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाती है, तो एनआईएम की टीम वहां जायेगी।
22 सितंबर को गंगोत्री से रवाना हुआ था पर्वतारोहियों का दल
दरअसल इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन के तत्वावधान में पोलैंड के पर्वतारोहियों का दल शिवलिंग पर्वत पर फतह करने के लिए 22 सितंबर को गंगोत्री से रवाना हुआ था। यहां से 24 सितंबर को दल तपोवन पहुंचा और 25 सितंबर को दल वहां से आगे बढ़कर 26 सितंबर को बेस कैंप होते हुए एडवांस बेस कैंप पहुंचा, लेकिन इसके बाद दल के दो सदस्य लुकास्ज जॉन व ग्रजेगुज माइकल बीमार पड़ गए।
बीते मंगलवार को दल का एक सदस्य वहां से वापस लौटकर उत्तरकाशी पहुंचा। इसकी सूचना उसने पोलैंड के दूतावास को दी, तो विदेश मंत्रालय के माध्यम से यह सूचना प्रशासन को मिली।
इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल की ओर से बुधवार को एसडीआरएफ के चार जवानों को पौलैंड के दो पर्वतारोहियों के साथ हेलीकाप्टर की सहायता से मौके के लिए रवाना किया गया।
साथ ही आर्मी व एनआईएम की टीम भी इस अभियान में संयुक्त रूप रेक्स्यू का जिम्मा संभाला हुआ था।