देवस्थानम बोर्ड को लेकर सरकार की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति ने अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। वहीं, चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत ने आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाएगी। चार दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दून दौरे पर तीर्थ पुरोहित भी देहरादून में विरोध रैली निकालेंगे। इसके लिए सभी साधु संत समाज, धार्मिक संगठनों के साथ ही देवस्थानम बोर्ड के विरोध का समर्थन कर रहे राजनीतिक दलों को रैली में आमंत्रित किया जा रहा है।
महापंचायत के प्रवक्ता डॉ. बृजेश सती ने बताया कि तीन दिसंबर को गुप्तकाशी में केदार सभा के आह्वान पर चारधामों के तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी विशाल रैली निकालेंगे। इसके अलावा चार दिसंबर को दून में विरोध रैली निकाली जाएगी। महापंचायत का कहना है कि सरकार ने पहले देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग पर मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया।
अब समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री को सौंप दी है। इस रिपोर्ट का परीक्षण करने के लिए सरकार ने फिर एक सब कमेटी का गठन किया है। इससे साफ है कि सरकार बार-बार कमेटी बनाकर मामले को उलझाने का काम कर रही है। यदि सरकार की मंशा बोर्ड को भंग करने की है तो प्रस्ताव पारित कर तत्काल बोर्ड भंग कर चारधामों के तीर्थ पुरोहितों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।