पर्यटन सुविधाओं और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार की होम स्टे योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहा है। उन्होंने कहा कि होम स्टे से उत्तराखंड देश को नई दिशा दिखा सकता है। होम स्टे से जहां स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा वहीं पर्यटकों को ठहरने की बेहतर सुविधा भी मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपदा से पहले वर्ष 2012 में केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए आने वाले तीर्थ यात्रियों का सर्वाधिक रिकॉर्ड पांच लाख था। 2013 में आई आपदा के बाद केदारनाथ पुनर्निर्माण के बाद वर्ष 2019 में तीर्थ यात्रियों की संख्या 10 लाख पहुंच गई। केदारनाथ पुनर्निर्माण से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। जिससे रोजगार व स्वरोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए होम स्टे योजना चलाईगई। पर्यटकों के लिए रातोंरात होटल नहीं बन सकते हैं, लेकिन लोग अपने ही घर में एक कमरा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के ठहरने के लिए आसानी से बना सकते हैं जिससे रोजगार भी मिलेगा।
बता दें कि हाल ही में राज्य सरकार ने पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना में सब्सिडी को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का फैसला लिया है। योजना के तहत लाभार्थियों को होम स्टे बनाने के लिए अधिकतम 15 लाख तक की सब्सिडी मिल सकती है।