प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंकराचार्य को शंकर का अवतार बताया और कहा कि शं करोति स: शंकरा:। मोदी का कहा कि इसका तात्पर्य है कि जो कल्याण करे वही शंकर है। मोदी ने देश के तपस्वी संतों का स्मरण किया और कहा कि वे किसी एक का नाम नहीं लेंगे तो यह उनके लिए पाप होगा। उन्होंने नई पीढ़ी को धार्मिक संस्कार देने और धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों की यात्राएं करने की सलाह दी।
2022 के लिए दे गए उत्तराखंड को भी बड़ा संदेश
चुनावी साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केदारनाथ यात्रा से राज्य कुछ बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहा था। लेकिन पीएम मोदी राज्य के लोगों को भावी उत्तराखंड का विजन दिखा गए। उन्होंने यह कहकर राज्य के लोगों को संदेश देने की कोशिश की कि केंद्र के सहयोग से राज्य में चल रही हजारों करोड़ की परियोजनाएं अगले 10 साल में जब धरातल पर उतरेंगी, तब एक नया उत्तराखंड होगा।
ऐसा कहकर पीएम एक तरह से 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए लिए परोक्ष रूप से एक बड़ा संदेश भी दे गए।
मुझे तेज प्रकाश पुंज की अनुभूति हुई : मोदी
आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद पीएम मोदी ने कुछ क्षणों के लिए वहां बैठकर ध्यान लगाया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि उस समय शंकराचार्य की प्रतिमा की आंखों से निकलते तेज प्रकाश पुंज की उन्हें अनुभूति हुई। इसका वह शब्दों में वर्णन नहीं कर सकते।