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सावधान! ये 'रंग' उड़ा सकते हैं आपका रंग

Mon, 10 Mar 2014 08:31 PM IST
अमर उजाला, रुड़की
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अगर आपको रंगों की होली खूब भाती हो तो सावधान! सिंथेटिक और केमिकल युक्त रंगों का इस्तेमाल होली को बदरंग और बे मजा बना सकते हैं। इन रंगों में शामिल घातक रसायन शरीर पर काफी बुरा असर डाल सकते हैं।
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हरा रंग (कॉपर सल्फेट)- आंखों की एलर्जी।जामुनी रंग (क्रोमियम व ब्रोमाइड)- कैंसर व अस्थमा जनक।काला रंग (लेड ऑक्साइड व सीसी पावडर)- त्वचा कैंसर जनक, अंधापन व गुर्दा क्षति।सिल्वर/गोल्डन रंग (मेटेलिक पेंट्स)- त्वचा के संपर्क में रहने पर एलर्जी, गुर्दा क्षति, गर्भस्थ शिशु की मस्तिष्क क्षति, आंखों की एलर्जी, अंधापन।
सिंथेटिक रंगों के ये भी है नुकसान
आंखों में चले जाने पर आंखों में सूजन, जख्म, लाली आना और पानी बहना बंद न होना, आंखों में दुखन आदि लक्षण पैदा होते हैं।

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इन उपायों पर भी दें खास ख्याल

यदि रंग आंखों में चला जाए तो ठंडे पानी के छींटे या आंखों को ऐसा धोएं कि पानी का प्रेशर सीधा आंख पर पड़े, फिर गुलाबजल या आर्टिफिशियल टीयर ड्रॉप्स या अच्छी कंपनी का आई ड्रॉप्स डाल लें।

इससे आंखों में बचा रह गया रंग उसके साथ धुलकर बाहर निकल आएगा। आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक की सलाह लेने में देरी और संकोच न करें।

समय रहते कुशल उपचार मिलने पर क्षति से बचा जा सकता है। जिन व्यक्तियों ने अभी हाल ही में आंख का कोई आपरेशन कराया हो तो बेहतर होगा कि वे रंगों से दूर ही रहें।

कुदरती रंग से खेलें होली, सुखद अहसास करें
स्थानीय नेत्र चिकित्सक डा. चंद्रशेखर ग्रोवर ने प्राकृतिक रूप से होली मनाने के लिए एक अनूठी पहल की है। वह लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि कैसे ‘नेचुरल’ होली खेलें। डा. ग्रोवर क्लीनिक में आने वाले मरीजों को जानकारी दे रहे हैं। बाहर भी इन पंफलेटों के जरिए प्रचार कर रहे हैं। जिसमें सभी प्रकार के टिप्स दिए गए हैं।
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आप भी बना सकते हैं कुदरती गुलाल

हरे रंग का गुलाल
इसके लिए मेहंदी और आटे का प्रयोग करें। गुलमोहर की सूखी पीसी पत्तियां, पिसा पालक व हरे धनिये को पानी में मिलाकर तैयार किया जा सकता है।

लाल रंग का गुलाल
लाल चंदन पाउडर को बुरांश के फूल रातभर पानी में भिगोकर रखने से लाल रंग का गुलाल तैयार होगा।

पीले रंग का गुलाल
बेसन, आटा, मैदा, अरारोट, मुल्तानी मिट्टी पावडर, टेल्कम पावडर, सुगंध के लिए कस्तूरी हल्दी को सुखाकर पीसे गए अमलतास और गेंदे के फूल के साथ पानी में भिगोकर बनाया जा सकता है।
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