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स्कूल का प्लास्टर गिरा, कई छात्र चोटिल

Tue, 28 Jan 2014 09:54 AM IST
अमर उजाला, कंडीसौड़ (टिहरी)
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थौलधार प्रखंड में ग्राम पंचायत गैर के कंडारखाल बेसिक स्कूल की छत की सीलिंग (प्लास्टर) गिरने से सात छात्र चोटिल हो गए।
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स्थिति खतरे से बाहर
सभी चोटिल छात्रों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा 108 के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंडीसौड़ पहुंचाया गया। जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।

गुसाईं पट्टी में ग्राम गैर के बेसिक स्कूल कंडारखाल में पढ़ाई के दौरान दोपहर साढ़े ग्यारह बजे अचानक छत की सीलिंग टूटने से सात बच्चे इसकी चपेट में आ गए। पंकज और विकास के सिर पर ज्यादा चोट आई है।
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मनीष, रितेश, सतपाल, गोकुल और सुदीप को हल्की चोटें हैं। प्रधानाध्यापक रोशनलाल उनियाल ने चोटिल छात्रों को 26 किमी दूर पीएचसी कंडीसौड़ में भर्ती कराया। छात्रों का इलाज कर रहे फार्मेसिस्ट सुरेंद्र पुरषोड़ा ने बताया कि सभी छात्रों की स्थिति खतरे से बाहर है।

स्कूल भवन 15 वर्ष पुराना
प्रशासन ने पंकज और विकास को अस्पताल में भर्ती कराने को कहा है। प्रधानाध्यापक ने कहा कि सभी छात्र मंगलवार को ही घर जाएंगे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल भवन 15 वर्ष पुराना है, लेकिन प्लास्टर गिरने का अंदेशा नहीं था।

एडीएम प्रवेशचंद्र डंडरियाल ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती छात्रों का हालचाल जाना। उन्होंने जर्जर स्कूल भवनों में कक्षाए संचालित न करने के निर्देश दिए।

स्कूल भवन काफी पुराना है। भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए प्रधानाध्यापक को कक्षाएं गांव में ही दूसरी जगह संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग को भवन निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
- जगत सिंह धनोला, नायब तहसीलदार कंडीसौड़

43 स्कूल क्षतिग्रस्त, खुले में हो रही पढ़ाई
चमोली जिले में आपदा से 143 स्कूल भवन खतरे में हैं। 43 विद्यालय भवन पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने से छात्र-छात्राएं खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं।

जिले में 98 इंटर कॉलेज, 83 हाईस्कूल, 224 जूनियर हाईस्कूल और 957 बेसिक स्कूल हैं। जून माह की आपदा से 600 विद्यालय भवन जर्जर हालत में हैं। बेसिक स्कूल फरकिया थिरपाक का भवन आपदा के दौरान बहने से यहां अध्ययनरत 23 छात्र-छात्राएं खुले आसमान के नीचे पढ़ रहे हैं।

कक्षाएं प्रांगण में संचालित
जीआईसी छिनका के जर्जर भवन में ही कक्षाएं संचालित हो रही है। गोपेश्वर से महज तीन किमी दूर बेसिक स्कूल देवर-खडोरा का भवन भी क्षतिग्रस्त होने के बावजूद कक्षाएं प्रांगण में संचालित हो रही है।

पीटीए अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह रावत का कहना है कि कई बार शिक्षा अधिकारी से भवनों की मरम्मत की मांग उठाई गई, लेकिन जस की तस बनी हुई है।

इधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरीश चंद्र सिंह रावत का कहना है कि विद्यालय प्रबंधन को अत्यधिक जर्जर स्कूल भवनों में कक्षाएं संचालित न करने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा से ध्वस्त भवनों के निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए हैं।

पौड़ी में 69 स्कूल जीर्णशीर्ण, खतरे में सैकड़ों बच्चे
पौड़ी जिले में जीर्णशीर्ण बने 69 बेसिक स्कूलों में सैकड़ों विद्यार्थी खतरे के साये शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जर्जर हो चुके इन स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए पैसा भी नहीं मिल पा रहा है। सर्व शिक्षा अभियान से भी इनकी मरम्मत नहीं हो पा रही है।

पौड़ी जिले में 1633 प्राइमरी और 291 जूनियर हाईस्कूल हैं। विभाग के अनुसार इनमें पौड़ी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय भिंताई, कांडई तल्ली, कलढुंग समेत जिले के 59 प्राइमरी स्कूलों और 10 जूनियर हाईस्कूलों के भवन काफी जीर्णशीर्ण हैं।

इनमें से कुछ दैवी आपदा में क्षतिग्रस्त हुए थे। जर्जर  होने से इनमें अधिकांश स्कूलों में पठन- पाठन कराना जोखिम भरा है।

जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक यशवंत चौधरी का कहना है कि जीर्णशीर्ण भवनों में कक्षाएं संचालित करने से मना किया गया है। ऐसे स्थानों में निकटवर्ती पंचायत घरों या दूसरे स्कूलों के साथ कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्षतिग्रस्त स्कूलों में ही हो रही पढ़ाई
उत्तरकाशी जिले में 176 बेसिक एवं जूनियर हाईस्कूल तथा 24 हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज भवन क्षतिग्रस्त हैं। बावजूद अधिकांश जगह बच्चे खतरे के साये में पढ़ने के लिए मजबूर हैं।

बेसिक स्कूल स्यूंणा, स्योरी, द्वारी, खन्ना, डांगडा, सिड़क, कोटी भाटगांव, नाल्ड, गंगाणी, चिणाभागी, कोटबागी, कलाप, थुनारा एवं ओसला तथा जूनियर हाईस्कूल गौना के भवन आपदा की भेंट चढ़ गए।

खतरे की जद में ही पठन-पाठन के लिए मजबूर
ये स्कूल निजी, पंचायत भवन एवं जूनियर हाईस्कूलों में ही संचालित हो रहे हैं। आपदा में आंशित तौर पर क्षतिग्रस्त हुए अन्य स्कूलों में बच्चे खतरे की जद में ही पठन-पाठन के लिए मजबूर हैं।
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मुख्य शिक्षा अधिकारी रघुनाथ लाल आर्य ने स्वीकारा कि आपदा में क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों की अभी मरम्मत नहीं हो पाई है।

बेसिक एवं जूनियर हाईस्कूल भवनों के पुनर्निर्माण के लिए रोटरी इंटरनेशनल तथा राज्य सरकार के बीच अनुबंध के बाद सर्वे तो हुआ, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ है। हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज भवनों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव जिला योजना में शामिल किया गया है।
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