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श्राद्ध 2021: तर्पण देने को हरिद्वार की नारायणी शिला पर उमड़ी भीड़, अन्य राज्यों से भी आए लोग

Thu, 23 Sep 2021 11:57 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

मान्यता है कि गया की तरह ही नारायणी शिला में श्राद्ध करने से पितरों को मोक्ष मिलता है। श्रद्धालुओं ने पितरों को खुश करने के लिए यहां कुशा, जौ, काला तिल, अक्षत, दूध व जल लेकर पूजा कराई। 
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shradh - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरिद्वार स्थित प्राचीन मंदिर नारायणी शिला में गुरुवार को श्राद्ध करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां कई राज्यों से लोग तर्पण के लिए पहुंचे।

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हरिद्वार: पूर्णिमा के श्राद्ध के साथ पितृपक्ष शुरू, लोगों ने गंगा में डुबकी लगाकर किया पितरों का पूजन, तस्वीरें

मान्यता है कि गया की तरह ही नारायणी शिला में श्राद्ध करने से पितरों को मोक्ष मिलता है। श्रद्धालुओं ने पितरों को खुश करने के लिए कुशा, जौ, काला तिल, अक्षत, दूध व जल लेकर पूजा करवाई।
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पूजा-पाठ के बाद हरकी पैड़ी पर गंगा में लगाई डुबकी
गुरुवार को बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और पंजाब के लोग भी श्री नारायणी शिला पर पहुंचे। शिला में पूजा-पाठ के बाद श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी पर गंगा में डुबकी लगाई।

पितरों के आशीर्वाद से खुलता है सुख का द्वार
श्री नारायणी शिला के पुरोहित का कहना है कि पितरों के आशीर्वाद से सुख का द्वार खुलता है। पितरों को प्रसन्न करते वक्त यह ध्यान रहे कि कोई गलती न हो जाए, इससे पितर नाराज हो जाते हैं। इसलिए अमावस्या के दिन पितरों से माफी मांगते हुए गाय, पक्षियों और पंडितों को सात्विक भोजन कराना चाहिए।

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