सरकार की मंशा सीमांत के लोगों को नियमित विमान सेवा देने की नहीं लगती है। लोगों को दिल्ली और देहरादून जाने के लिए 17 से 18 घंटे लगते हैं। इस दर्द को नहीं समझा गया। हर बार किसी न किसी तरह से विमान सेवा के नाम पर गुमराह करने का प्रयास होता रहा है।
-अंजू लुंठी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।
सरकार को सीमांत की समस्याओं को देखते हुए सस्ती विमान सेवा का संचालन करना चाहिए। हालांकि, अब वायु सेना को इसकी कमान सौंपी जा रही है लेकिन आम जनता को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। 90 के दशक से विमान सेवा का सपना देख रहे लोगों के लिए यह सपना ही न रह जाए।
-चंद्र प्रकाश पुनेड़ा, जिलाध्यक्ष आप।