टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर 12 किलोमीटर दूर धौन के पास आए भारी मलबे से बुधवार की रात करीब आठ बजे से पूरे 19 घंटे तक वाहनों के पहिये जाम रहे। बृहस्पतिवार अपरान्ह 3.30 बजे से एनएच पर छोटे वाहनों की आवाजाही हुई, लेकिन दो घंटे बाद फिर मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। मार्ग पर ट्रक, बसें और अन्य बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई।
सैकड़ों लोग यहां फंस गए और उनको भूखे पेट रात गुजारनी पड़ी। इन यात्रियों का सुधलेवा कोई नहीं था। राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। 20 से अधिक बसें टनकपुर-चंपावत के बीच फंसी रहने से परिवहन निगम को भी चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
लोहाघाट के एलएम कुंवर, चंपावत के भुवन चंद्र पांडेय आदि सैकड़ों यात्री बुधवार रात से करीब 19 घंटे तक धौन के पास फंसे रहे। उन्हें रात में न खाना मिला न पानी। इन लोगों की पूरी रात भूख ही नहीं डर के बीच भी कटी। पिथौरागढ़ से पीलीभीत जा रहे मोहम्मद इकराम, इंतजाम अहमद, पत्नी के साथ पिथौरागढ़ से खटीमा जा रहे राजेंद्र सिंह को भी 10 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।