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पायलट बाबा ने महामंडलेश्वर परिषद से नाता तोड़ा

Wed, 24 Feb 2016 01:55 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
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महामंडलेश्वर पायलट बाबा ने उस महामंडलेश्वर परिषद से नाता तोड़ लिया है, जिसका गठन उन्होंने स्वयं किया था। मंगलवार को जूना अखाड़े के साधु-संतों से भेंट कर उन्होंने श्रीमहंतों को अपने निर्णय से अवगत कराया। अब कुंभ स्नान करने का रास्ता साफ हो गया है।
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गौरतलब है कि महामंडलेश्वर अर्जुन पुरी के साथ मिलकर विगत प्रयाग कुंभ में महामंडलेश्वर परिषद का गठन किया था। वे उसके अध्यक्ष भी बन बैठे थे। अखाड़ों की नाराजगी के चलते परिषद से जुड़ा कोई भी महामंडलेश्वर पहले प्रयाग और बाद में नासिक कुंभ में स्नान नहीं कर पाए थे।

अखाड़ा परिषद ने उनसे संबंधों पर न केवल रोक लगा दी थी, अपितु शासन को स्पष्ट कर दिया था कि यदि महामंडलेश्वरों को स्नान के लिए जाने दिया गया तो अखाड़ों के संत कुंभ स्नानों का बहिष्कार करेंगे। इलाहाबाद की भांति नासिक कुंभ में भी महामंडलेश्वर परिषद के संत स्नान नहीं कर पाए थे। अब उज्जैन कुंभ के स्नान पर भी संकट के बादल मंडरा रहे थे।
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श्रीमहंतों को मनाने के लिए पायलट बाबा स्वयं अपने जूना अखाड़े पहुंचे। उन्होंने अखाड़े के भगवान गुरु दत्तात्रेय महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। पायलट बाबा का स्वागत श्रीमहंत परमानंद पुरी, सभापति भगवत पुरी, उमाशंकर भारती, सोहन गिरी, हरि गिरी, मच्छेन्द्र पुरी, परशुराम गिरी, दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरी आदि से भेंट की।

पायलट बाबा ने श्रीमंहतों को आश्वासन दिया कि उनका महामंलेश्वर परिषद से कोई नाता नहीं रहेगा। अखाड़े के श्रीमहंतों ने पुराने विवादों को मिटाते हुए उन्हें उज्जैन कुंभ में स्नान का न्यौता दिया।
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