इस मार्ग का उपयोग श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश के लिए किया जाएगा और बाबा के दर्शन के बाद ही भक्त मंदिर मार्ग से लौटेंगे। इस व्यवस्था से धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आने जाने में कोई समस्या नहीं होगी।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता धीरज डिमरी ने बताया कि आरसीसी युक्त इस 400 मीटर लंबे मार्ग के ऊपरी सतह पर कटवा पत्थर बिछाए जाएंगे, ताकि इसकी भव्यता और निखरे। रास्ते के निचली तरफ रेलिंग लगाई जाएगी। ऊपरी तरफ हर 13 मीटर पर सोलर लाइट लगेंगी।
विष्य में इस 400 मीटर मार्ग को रेन सेल्टर की तर्ज पर सुरक्षित किया जाएगा, जिससे बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज धूप के दौरान रास्ते पर चलने वाले बाबा के भक्तों को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो।
श्रद्धालुओं को ‘आस्था पथ’ पर भक्ति संगीत भी सुनाई देगा। हल्के स्वर के साथ यह संगीत पूरे मार्ग पर बजेगा। इस व्यवस्था के लिए मार्ग पर निश्चित दूरी पर विशेष स्पीकर स्थापित किए जाएंगे।
मुख्य पैदल मार्ग पर बनेंगे रेन सेल्टर
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्रसाद- 2 योजना में जगह-जगह रेन सेल्टर बनाएं जाएंगे। साथ ही मार्ग को और दुरुस्त किया जाएगा, जिससे यात्रा के दौरान आवाजाही में श्रद्धालुओं को दिक्कत नहीं हो।
‘आस्था पथ’ का निर्माण सिंचाई विभाग द्वारा शुरू कर दिया गया है। करीब 10 दिनों में कार्य पूरा होने की उम्मीद है। मार्ग पर सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अगले वर्ष से यात्री इसी रास्ते से मंदिर पहुंचेंगे।’
- मंगेश घिल्डियाल (जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग)