सर्व मासम देवते पूज्या, सर्व मासम मानवे सथा। स्कंदपुराण के इस श्लोक का अर्थ है कि बदरीनाथ-केदारनाथ में छह महीने देवता और छह महीने मनुष्य पूजा करेंगे।
नारद पुराण में भी इसका जिक्र है। इसके बावजूद लगातार मनुष्यों को केदारनाथ भेजा जा रहा है। ऐसे में तीर्थ-पुरोहित, महंत, इतिहासकार सभी को डर है कि कहीं बाबा केदार नाराज ना हो जाएं। हाल ही में पर्यटन विभाग की ओर से सहस्त्रधारा हैलीपैड से सीधे केदारनाथ के लिए केदार दर्शन यात्रा शुरू की गई है।
वहां आधे घंटे का समय भी बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए दिया जा रहा है। यही नहीं, प्रदेश सरकार 25 से 29 फरवरी के बीच केदारनाथ में केदार महोत्सव आयोजित करने जा रही है।
ऐसे में हिंदू धर्म के जानकारों ने शीतकाल में केदारनाथ में मनुष्यों के प्रवेश और महोत्सव पर आपत्ति जताई है। इन लोगों का मानना है कि केदार-महोत्सव के दौरान ढोल-दमाऊ बजाए जाने से देवता नाराज हो सकते हैं।