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घूमने निकले थे आठ दोस्त, नदी में पानी कम देख उतरे मस्ती करने, अचानक आया सैलाब और...

Wed, 14 Aug 2019 09:29 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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पुलिस को बताई पूरी कहानी - फोटो : अमर उजाला
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हम सब नदी किनारे दो ग्रुप में खड़े थे। देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि वहां से निकलना तो दूर पैर उठाना भी दूभर हो रहा था। लगा मानों किसी ने पैर जकड़ लिए और उठाने की कोशिश करेंगे तो बह जाएंगे।

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बाहर खड़ा भव्य जैन चिल्ला रहा था, लेकिन उसकी आवाज हमारे कानों तक नहीं पहुंच रही थी। इसी बीच मैंने एक पत्थर का सहारा ले लिया। मुझे अभिषेक ने और उसे मिहीर ने पकड़ने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते पहले मिहीर और फिर अभिषेक मेरी आंखों के सामने पानी में बह गए...यह कहना है अभिषेक और मिहीर के दोस्त अमीष चौधरी का। नदी में बहने से बाल-बाल बचे अमीष को अफसोस था कि वह अपने दोनों दोस्तों को नहीं बचा पाया।

पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी में बीटेक के छात्र अमीष का कहना है कि मुझे तैरना नहीं आता है, लेकिन दोस्तों को इस तरह फंसते देख मैं गहरे पानी में जाने लगा। पैर लड़खड़ाए तो गिरा और हाथ में एक छोटा पेड़ आ गया, लेकिन बहाव इतनी तेज था कि वह भी मेरे हाथ से छूट गया। कुछ मीटर की दूरी पर ही मेरे हाथ में एक बड़ा पत्थर आ गया, जिसे मैंने काफी देर पकड़े रखा।

पानी के बहाव में बह रहे अभिषेक कांडपाल निवासी बिंदुखत्ता, थाना लालकुआं (हल्द्वानी) नैनीताल की तरफ हाथ फैलाया तो उसने मेरा हाथ थाम लिया। पीछे से आए मिहीर ने अभिषेक को पकड़ लिया। तेज लहरों के सामने दोनों टिक नहीं पा रहे थे। पहले मिहिर का साथ छूटा और वो पानी में समा गया। अभिषेक भी ज्यादा देर तक संघर्ष नहीं कर पाया। वो भी मिहीर के पीछे बहता चला गया। एक बार को तो मेरी हिम्मत भी जवाब दे गई थी। मुझे लगा था कि मैं ज्यादा देर तक मौत से नहीं लड़ पाऊंगा। इसी बीच बाहर खड़े साथी भव्य और अन्य ग्रामीण हौसला बढ़ाते रहे। करीब 40 मिनट तक पानी की लहरों से लड़ने के बाद मुझे बचाया जा सका। साथियाें की मौत का दर्द मुझे जिंदगी भर सालता रहेगा। वहीं, भव्य जैन का कहना है कि हर कोई इस हादसे से बेहद विचलित है।  

आंखों से ओझल नहीं हो पा रहा खौफनाक मंजर

मौत के मुंह से वापस आए छात्र उस खौफनाक मंजर को भूल नहीं पा रहे। अभिषेक और मिहीर की मौत से वे गहरे सदमे में हैं। बिधौली स्थित पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के बीटेक प्रथम वर्ष (कंप्यूटर साइंस) के आठ छात्र-छात्राओं का समूह रविवार दोपहर 12 बजे घूमने निकला था। वे जसपाल राणा शूटिंग रेंज के पास छात्र नीमी नदी में नहाने लगे। उस समय पानी बेहद कम था। दोपहर करीब तीन बजे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से सबसे पहले छात्रा ईशा, मानसी शर्मा, आयुष और शिवम सिंह(सीनियर छात्र) पानी में बह गए थे।

वो खुश किस्मत रहे, जो मौत के मुंह से वापस आ गए। लेकिन अभिषेक और मिहीर उनकी आंखों के सामने ही पानी में समा गए। प्रेमनगर पुलिस ने सोमवार को इन छात्र-छात्राओं से पूरे घटनाक्रम को लेकर बातचीत की। छात्र-छात्राओं ने रोते हुए अभिषेक और मिहीर की मौत की कहानी को बयां किया। ईशा और शिवम सिंह का कहना था कि साथियों की मौत का मंजर उनकी आंखों से ओझल नहीं हो पा रहा है। 

खूब चिल्लाया, फिर भी नहीं बचा पाया

नीमी नदी में जिस समय पानी का तेज बहाव आया, उस समय केवल भव्य जैन बाहर था। पीछे से पानी आने की आवाज आई तो भव्य भी साथियाें को बचाने को चिल्लाने लगा था। ऊपर से पानी इतनी तेजी से आया कि इन छात्रों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। भव्य जैन का कहना था कि वह खूब चिल्लाया था, लेकिन फिर भी अपने दो साथियाें को नहीं बचा पाया। 

परिजन ले गए शव, कार्रवाई से इंकार
नीमी नदी में डूबे अभिषेक कांडपाल और मिहीर भुटेजा के शवाें को पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अभिषेक के पिता बद्री दत्त कांडपाल और मिहीर के पिता राजीव भुटेजा निवासी वेस्ट दिल्ली परिजनों के साथ यहां पहुंचे थे। एसओ प्रेमनगर नरेन्द्र गहलावत ने बताया कि परिजन दोनों के शवों को ले गए हैं। उन्हें किसी तरह की कार्रवाई से इंकार किया है। 
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पुलिस ने जारी किया अलर्ट

पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश के चलते लगातार बढ़ रहे नदियों के जल स्तर को लेकर पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी का कहना है कि मौसम विभाग ने भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।

इसी के मद्देनजर थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में नदी किनारे रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानाें पर जाने की सलाह दे रहे हैं। लाउड स्पीकर के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। एसएसपी ने थानाें में मौजूद आपदा राहत टीम को मय आपदा उपकरणों के तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
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