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देहरादून में भी मशहूर हैं लैला-मजनूं के किस्से, आज भी है लैला वाली गली

Wed, 14 Aug 2019 09:28 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal राजीव गुप्ता, अमर उजाला, देहरादून
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यहां आज भी है लैला वाली गली - फोटो : अमर उजाला
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लैला-मजनूं पर कई फिल्में बनीं। कई किस्से-कहानियां हैं। इनके बाद जब-जब किसी प्रेमी जोड़े ने बेपनाह मोहब्बत की तो उन्हें भी उनकी संज्ञा दी जाने लगी। ऐसी ही एक कहानी 60 के दशक में गांधी रोड स्थित इनामुल्लाह बिल्डिंग में रहने वाले ‘अंकल-आंटी’ की रही।

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स्थानीय लोग उन्हें आज भी लैला-मजनूं के नाम से जानते हैं। इनकी दीवानगी की दास्तां ऐसी थी कि पूरा मोहल्ला उनकी खिदमत करता था। आज भी लैला के नाम से इनामुल्लाह बिल्डिंग में लैला वाली गली मशहूर है।

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लैला आंटी और मजनूं अंकल की मोहब्बत की दास्तां

स्थानीय निवासी मौ. नदीम और जाहिद सैफी ने बताया कि तब वह बच्चे थे। उनकी उम्र बमुश्किल पांच साल रही होगी। तब लैला आंटी और मजनूं अंकल की मोहब्बत की दास्तां सबकी जुबां पर थी। वह दोनों मौ. नदीम के बरामदे में रहते थे। दोनों का इस दुनिया में कोई नहीं था। हाजी बुरहान और आमिर कुरैशी ने बताया कि पूरा मोहल्ला उनकी मोहब्बत की बेहद कद्र करता था।

साथ ही लोग हर तरह से उनकी मदद भी करते थे। लंबे समय तक दोनों इसी बिल्डिंग के बरामदे में रहे। स्थानीय निवासी हाजी नसीम अहमद ने बताया कि दोनों की मोहब्बत की यह अमर प्रेम कथा हमेशा के लिए अमर हो गईं। उनकी याद में आज भी इस गली का नाम लैला वाली गली के नाम से जाना जाता है। जिस बरामदे में लैला रहती थी, उसे आज भी लैला की डाट के नाम से जाना जाता है।
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