दून शहर को पॉलीथिन मुक्त कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को नौजवान उत्तराखंड सभा संस्था ने लोगों को जूट के बैग बांटे। लेकिन इस दौरान बैग पाने के लिए लोगों में छीना-झपटी होने लगी।
हर कोई यह कहता नजर आया कि ‘मुझे बैग दो’। कई बार हाथापाई तक नौबत पहुंच गई। आपाधापी में संस्था ने किसी तरह बैग बांट सके।
एक साल में पॉलीथिन मुक्त
दून को एक साल में पॉलीथिन मुक्त बनाने के उद्देश्य से संस्था ने शुक्रवार को गांधी पार्क से जूट के बैग बांटने की शुरुआत
की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रकृति बैंड के म्यूजिक के साथ हुआ। बैंड ने देश को बचाना है.., पेड़ लगाओ पॉलीथिन हटाओ..., अरे रुक जा रे...और ले मशालें चल पड़े हैं...गीतों से समा बांध दिया।
इसके बाद बैग बांटने का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन इसी बीच बैग के लिए लोगों में छीना-झपटी होने लगी। संस्था के लोगों के पीछे भी लोग बैग के लिए धक्का-मुक्की करते दिखे।
बैग लेकर मौके से भागे लोग
कुछ लोग तो बैग लेकर मौके से भाग भी गए। संस्था के सदस्य बमुश्किल महिलाओं को बैग बांट सके। संस्था के अध्यक्ष
पंकज क्षेत्री ने बताया कि करीब 350 बैग बांटे गए हैं।
कार्यक्रम में आशीष दरमोड़ा, सुनील चौधरी, रितेश खड़का, मुकेश शर्मा, मानवेंदर रावत, प्रदीप रावत, जतिन, गौरव, हरेंद्र आदि उपस्थित थे।
पॉलीथिन पर है 500 रुपये तक जुर्माना
प्रदेश में पॉलीथिन का प्रयोग करने पर पाबंदी है। सरकार ने दुकानदारों को पॉलीथिन न रखने और उसमें सामान न देने के आदेश दिए हैं। दुकानों से सामान लाने के लिए सरकार ने जूट के बैग या फिर दूसरे उपाय करने को कहा है। पॉलीथिन का
प्रयोग करने पर 500 रुपये जुर्माना
पॉलीथिन लेकर चलोगे तो लग सकता है जुर्माना पिछले दिनों शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एडीएम ने राह चलते एक व्यक्ति के हाथ में पॉलीथिन होने पर उसका 250 रुपये का चालान काट दिया था। कई महिलाओं के भी चालान काटे जा चुके हैं।