सूचना क्रांति के युग में आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां मोबाइल की घंटी बजते ही लोग झूमने लगते हैं और भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं। मोबाइलों को घरों, छतों व पेड़ों पर लटका के रखा जाता है, ताकि सिगनल पकड़ सके।
जी हां यहां बात हो रही है उत्तराखंड में कीर्तिनगर विकास खंड के ढुंडसिर कड़ाकोट क्षेत्र के गांवों की। विकासखंड मुख्यालय से 25 किमी दूर इस क्षेत्र में आज भी संचार व्यवस्था दिवास्वप्न बनी हुई है।
कीर्तिनगर विकास खंड के ढुंडसिर कड़ाकोट क्षेत्र के पारकोट, धारकोट, धार, कोटी थापली सहित करीब 15 गांवों की 10 हजार से अधिक की आबादी संचार व्यवस्था से वंचित है। गांवों में न तो लैंडलाइन (बेस फोन) व्यवस्था है, और ना ही मोबाइल फोन सेवा।