सेवानिवृत्त सैनिकों को अब पेंशन संबंधी अपनी समस्याओं के निपटारे को महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब हर महीने देहरादून में ही पूर्व सैनिकों के पेंशन वादों के निपटारे के लिए अदालत लगेगी। यह अदालत महीने के अंतिम कार्य दिवस (शनिवार और अवकाश को छोड़कर) पर लगाई जाएगी। यहां सेना के अधिकारी पेंशन संबंधी वादों का तत्काल निस्तारण करेंगे।
राज्य में सेवारत और पूर्व सैनिकों की संख्या करीब 1.40 लाख है। हर महीने राज्य के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी और पुनर्वास कार्यालयों में सैनिकों की पेंशन संबंधी करीब 500 समस्याएं आती हैं। विभाग इन समस्याओं को सेना के पेंशन विभाग भेजता है। पेंशन की कई समस्याओं का समाधान आसानी से हो जाता है, लेकिन कई समस्याएं पेंशन अदालत तक पहुंच जाती हैं। पेंशन अदालत का आयोजन जहां होता था वहां पर सैनिक को अपनी समस्या रखनी पड़ती थी। सेना ने राज्य में सैनिकों की संख्या देखते हुए देहरादून में ही हर महीने पेंशन अदालत लगाने का निर्णय लिया है।
इन मामलों की सुनवाई होगी
पेंशन शुरू होने में देरी, पेंशन की विसंगतियां, बैंक में आने वाली समस्याएं, पेंशन ऑर्डर में आने वाली समस्याएं।
ये मामले नहीं सुने जाएंगे
- उत्तराधिकार से संबंधित
- सरकारी नीतियों से जुड़े
पूर्व सैनिकों के लिए देहरादून में हर महीने लघु पेंशन अदालत लगाई जा रही है। यह अदालत महीने के अंतिम कार्य दिवस को लगेगी। इसमें पेंशन की सभी समस्याओं का निस्तारण कर दिया जाएगा।
- कैप्टन (रि.) आरएस धपोला, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, नैनीताल