स्टांप चोरी के मामले में हरिद्वार के डीएम कोर्ट ने सिडकुल स्थित हीरो मोटोकॉर्प कंपनी को 111 करोड़ रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
कंपनी ने वर्ष 2014 में वर्ष 2006 के सर्किल रेट पर रजिस्ट्री करवाई थी। अमर उजाला ने पूरे मामले का खुलासा किया था।
हीरो मोटोकॉर्प कंपनी ने फरवरी 2014 में सिडकुल में 214 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी।
कम स्टांप ड्यूटी का मामला सामने आने के बाद डीएम डी.एस. पांडियन की कोर्ट में सुनवाई हुई। प्रदेश में किसी कंपनी पर यह सबसे बड़ा जुर्माना है।
1 करोड़ 48 रूपए देना होगा ब्याज
जांच पड़ताल करने के बाद करीब 22 करोड़ पांच लाख 86 हजार रुपये स्टांप चोरी का मामला बना। कोर्ट ने स्टांप चोरी पर रकम जमा करने अलावा करीब 88 करोड़ 23 लाख 44 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
इतना ही नहीं 1.5 प्रतिशत दर से करीब एक करोड़ 48 लाख 89 हजार रुपये ब्याज भी निकाला गया है।
डीएम कोर्ट ने कंपनी को 111 करोड़ 78 लाख 20 हजार 324 रुपये प्रदेश सरकार को अदा करने का आदेश सुनाया।
यह है पूरा मामला
हीरो होंडा कंपनी की ओर से वर्ष 2006 में सिडकुल में 214 एकड़ जमीन खरीदी थी। लेकिन उसकी रजिस्ट्री नहीं करवाई। फरवरी 2014 में हीरो मोटोकॉर्प की ओर से जमीन की रजिस्ट्री कराई गई।
लेकिन हीरो मोटोकॉर्प ने यह रजिस्ट्री वर्ष 2006 के सर्किल रेट (एक हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर) से कराई जबकि रजिस्ट्री कराते समय का सर्किल रेट 3812 रुपये चल रहा था।
इससे सरकार को स्टांप राजस्व के रूप में भारी नुकसान हुआ। अमर उजाला ने 21 मार्च 2014 के अंक में पहले पेज पर खबर प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था।