राज्यसभा चुनाव को लेकर पीडीएफ के स्टैंड की भाजपा ने सराहना की है। पीडीएफ को समर्थन देने के मुद्दे पर भाजपा अभी यह कहकर पल्ला झाड़ रही है कि अभी हमारा कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है। अगर कोई प्रस्ताव आता है तो इस मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व विचार करेगा।
वैसे भाजपा की तैयारी भी राज्यसभा के चुनाव में प्रत्याशी को मैदान में उतारने की है। इसको लेकर अंदरखाने रणनीति जारी है। पार्टी ने अपने सभी विधायकों को देहरादून में ही रहने का निर्देश जारी कर दिया है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा सोमवार को अपना स्टैंड स्पष्ट कर सकती है।
उत्तराखंड में राज्यसभा की खाली होने वाली एक सीट पर 11 जून को मतदान होना है। राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने प्रदीप टम्टा को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। कांग्रेस को समर्थन देने वाली पीडीएफ ने भी दिनेश धनै को चुनावी मैदान में उतारने का ऐलान कर दिया है।
विधानसभा में विधायकों की संख्या के मुताबिक अभी कोई भी पार्टी अकेले अपने दम पर किसी को राज्यसभा में भेजने की स्थिति में नहीं है। कांग्रेस को भी लगभग चार-पांच विधायकों के समर्थन की आवश्यकता पड़ेगी। यही स्थिति भाजपा की है।
पीडीएफ को अपने प्रत्याशी को उच्च सदन में भेजने के लिए कांग्रेस या भाजपा में किसी एक के समर्थन की आवश्यकता होगी। ऐसी स्थिति में भाजपा ने पीडीएफ के स्टैंड की सराहना कर कांग्रेस की राह में रोड़ा अटकाने की कोशिश शुरू कर दी है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि हम पीडीएफ के स्टैंड की सराहना करते हैं।
पीडीएफ ने अपने स्टैंड से यह बताने की कोशिश तो की है कि वह एक स्वतंत्र ईकाई है। अभी तक तो उसको कांग्रेस का साझीदार समझा जाता था। पीडीएफ को अपने स्टैंड पर आखिरी वक्त तक बने रहना होगा। भाजपा द्वारा पीडीएफ को समर्थन देने के सवाल पर भट्ट का कहना है कि हमारे पास इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं आया है।
अगर प्रस्ताव आएगा तो पार्टी नेतृत्व उस पर विचार करेगा। वैसे हमारी तैयारी भी पूरी है। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मई है। इससे पहले हम कोई ना कोई फैसला ले लेंगे। पार्टी के सभी विधायकों को देहरादून में रहने का निर्देश दे दिया गया है।