संग्रह अमीनों को नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति में छह प्रतिशत आरक्षण देने का मामला गरमा गया है। बुधवार को पटवारी महासंघ के घटक दलों की संयुक्त बैठक में आरक्षण का शासनादेश जारी होते ही हड़ताल पर चले जाने का फैसला किया गया।
महासंघ का कहना है कि सरकार पहले ही पर्वतीय पटवारियों को संग्रह अमीनों की यह मांग न मानने का आश्वासन दे चुकी थी।
पहले से हैं आंदोलनरत
मंगलवार को पटवारी महासंघ की बैठक में दो अक्टूबर से पुलिस का कार्य छोड़ने का पहले ही फैसला कर लिया गया था। पटवारी संग्रह अमीनों को नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति देने के मामले को लेकर पहले से ही आंदोलनरत थे।
हाल ही में सरकार ने संग्रह अमीनों की मांग मानी तो पर्वतीय पटवारी महासंघ की नाराजगी में इजाफा हो गया। बुधवार को लेखपाल संघ सहित अन्य घटक दलों की दून में हुई संयुक्त बैठक में संग्रह अमीनों के मामले को लेकर खासा रोष जताया गया।
इसलिए नाराज हैं पटवारी
पर्वतीय पटवारियों को लंबे समय से पदोन्नति नहीं मिली है। ऐसे में संग्रह अमीनों को नायब तहसीलदार पद पर आरक्षण दिया गया तो पटवारियों की पदोन्नति पर फर्क पड़ेगा।
पटवारी महासंघ के संरक्षक बीपी जगूड़ी के मुताबिक बैठक में तय हो गया है कि संग्रह अमीनों से संबंधित शासनादेश जारी होते ही पटवारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
हड़ताल पर गए तो परेशानी
अब अगर पटवारी हड़ताल पर जाते हैं तो प्रदेश में सेवा के अधिकार को लेकर सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पटवारी पर्वतीय क्षेत्रों में जाति से लेकर अन्य प्रमाण पत्र बनाने, आपदा में राहत सामग्री का वितरण और सत्यापन आदि का काम कर रहे हैं।