एक के बाद एक मरीज देहरादून स्थित दून हॉस्पिटल से अपने तीमारदारों के साथ भाग रहे हैं। ‘मैं अपने मरीज को नर्सों की हड़ताल के कारण ले जा रहा हूं।’ यह बात बीएचटी पर लिखकर दिनेश सेमवाल अपनी पत्नी अंजना को दून अस्पताल से लेकर उत्तरकाशी चले गए।
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अंजना के मस्तिष्क में सिस्ट है। बृहस्पतिवार को इसी तरह राजीवनगर के रहने वाले रोगी साजिद अली भी दून अस्पताल छोड़कर चले गए। आज उनकी स्पाइन सर्जरी होनी थी। वह वार्ड नंबर दो के बेड नंबर एक पर भरती थे। नर्सिंग स्टाफ के कार्य बहिष्कार के चार दिन हो गए। स्वास्थ्य विभाग और दून ग्रुप आफ हास्पिटल्स प्रबंधन की नींद नहीं टूटी है।
नर्सों के कार्य बहिष्कार के मद्देनजर कोई पुख्ता वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए गए। इसका नतीजा है कि गंभीर रोगी अस्पताल छोड़कर भाग रहे हैं। न्यूरो के मरीजों के आपरेशन रोक दिए गए हैं। इन तीन दिनों में तकरीबन दस रोगियों के आपरेशन होने थे।
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एसोसिएशन ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक तीन दिन तक दून ग्रुप आफ हॉस्पिटल्स के तीन अस्पतालों तक अपना आंदोलन सीमित रखा था। चौथे दिन बृहस्पतिवार को पूरे जिले की सीएचसी, पीएचसी का नर्स स्टाफ आंदोलन में शामिल हो गया है।
एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष अंजना भौमिक ने बताया कि 22 सितंबर से पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरु होगा। उसके बाद पूर्णकालिक हड़ताल की घोषणा की जाएगी।
नर्स स्टाफ अभी तक तीन शिफ्टों में से दो शिफ्टों का कार्य बहिष्कार कर रहा है। पूर्णकालिक हड़ताल होने पर क्या स्थिति होगी? उससे निपटने की रणनीति क्या है? इस बारे में स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक गंभीरता से नहीं सोचा है। मरीजों को तकलीफ बढ़ती जा रही है।
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हालत यह है कि मरीजों ने इंटर्न से इंजेक्शन और ड्रिप लगवाने से मना कर दिया है। इंटर्न ड्रिप लगाने में पूरा हाथ गोद डालते हैं। वार्ड नंबर 16 के बेड नंबर 20 पर भरती रोगी जगदीश प्रसाद का कहना है कि अह वह इंटर्न से ड्रिप नहीं लगवाएंगे। डा एलके गुसाईं निदेशक दून ग्रुप आफ हॉस्पिटल्स का कहना है कि अस्पतालों में रात को इमरजेंसी मेडिकल अफसर के अलावा एक डाक्टर की ड्यूटी और लगा दी गई है।
वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। फिर भी नर्सों के कार्य बहिष्कार का दायरा बढ़ता है तो दिक्कत होगी। शुक्रवार को दून अस्पताल जाकर नर्स स्टाफ से बात करेंगे। वैसे उनकी मांगों के संबंध में शासन को निर्णय लेना है। इसमें वक्त भी लग सकता है।
- डा जीएस जोशी, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण