चारधाम यात्रा के सभी रूट एआई तकनीक के माध्यम से गूगल मैप से साझा किए जाएंगे। ताकि, रास्ते में कोई भी यात्री बिना किसी रुकावट और भटकाव के अपने गंतव्य तक पहुंच सके। इसके लिए डीजीपी अशोक कुमार गूगल व मैप के अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं। साथ ही पुलिस को सारी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा डीजीपी ने यातायात प्रबंधन में सख्ती बढ़ाने के निर्देश भी पुलिस को दिए हैं।
डीजीपी ने देहरादून, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल और हरिद्वार के एसपी ट्रैफिक के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि इन चार बड़े जनपदों में हाईवे बन जाने के बाद यातायात की ड्यूटियों में परिवर्तन होने के साथ ही नई चुनौतियां सामने आई हैं। इन चुनौतियों का हमें जनता के साथ संवाद स्थापित करते हुए समाधान निकालना है। सबसे पहली जिम्मेदारी चारधाम यात्रा को सकुशल पूरी कराने की है। डीजीपी ने कहा कि समय से पर्याप्त संख्या में ड्यूटी के लिए पीआरडी जवानों की मांग कर ली जाए। इसके बाद उन्हें ट्रैनिंग देने का काम भी समय से पूरा कर लिया जाए।
डीजीपी ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए सबसे जरूरी रूट डायवर्जन है। इनकी यात्रियों को जानकारी ज्यादा से ज्यादा मिल सके इसके लिए ड्यूटी लगाई जाए। इसके अलावा एआई तकनीक का सहारा लिया जाए। उन्होंने बताया कि वापसी के लिए गरुड़चट्टी से बैराज होते हुए चीला मार्ग का प्रयोग किया जाना है। इस मार्ग को वन वे किया जाना है। लेकिन, इसकी यात्रियों को जानकारी समय से मिले इसके लिए गूगल पर इसकी मैपिंग कर ली जाए। चीला मार्ग पर नदी पर बने रपटे के दोनों तरफ वायरलेस सेट के साथ कर्मचारियों को तैनात किया जाए। ताकि, किसी भी परेशानी में सूचनाओं का समय से आदान-प्रदान किया जा सके।
लापरवाही से लेन बदलने वालों पर होगी कार्रवाई
डीजीपी ने बताया कि बहुत से लोगों में लेन ड्राइविंग की जानकारी कम होती है। ऐसे में वे लापरवाही से लेन बदलते हैं। मगर, अब इस तरह से लेन बदलने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आया जाएगा। उनके खिलाफ एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने इसके लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।