शहर में होने वाले विकास कार्यों को लेकर पार्षद और विधायक में मची होड़ सियासी रंग ले रही है। दो दिन पूर्व कैंट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा पार्षद का निर्माण कार्य करवाने के बोर्ड के खिलाफ कांग्रेस के सड़क पर उतरने से मामले ने तूल पकड़ लिया है।
नगर निगम क्षेत्र में आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, नाली, खड़ंजा के निर्मित होते ही विधायक के बोर्ड लग जाते हैं, जबकि पार्षद उसे अपनी मेहनत बता रहे हैं।
मेयर विनोद चमोली ने पार्षदों को अपने बोर्ड लगाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि क्षेत्र में पार्षद काम करवा रहे हैं और विधायक श्रेय लेने के लिए बोर्ड लगा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में विधायकों, पार्षदों में टकराव के पूरे आसार हैं।
कुछ पार्षद मेयर के समक्ष इस समस्या को लेकर पहुंचे थे। पार्षदों का कहना है कि वार्डों में वे काम कर रहे हैं और विधायक श्रेय लेने के लिए अपना बोर्ड लगवा रहे हैं। विभागों की ओर से किए जा रहे निर्माण कार्यों पर विधायक अपने नाम के बोर्ड लगा रहे हैं।
अभियंता पर बरसे मेयर
पिछले दिनों निगम में हुई बैठक में पार्षदों ने पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता से पूछा था कि विभाग की ओर से बनाई सड़क में विधायकों के नाम का बोर्ड क्यों लगता है। मेयर विनोद चमोली भी अधिशासी अभियंता पर बरस पड़े। अभियंता ने कहा कि विधायक विभाग के कार्यों पर अपना बोर्ड नहीं लगा सकते हैं।
बुधवार को मेयर विनोद चमोली ने पार्षदों से कहा कि वह अपने वार्डों में अपने नाम के बोर्ड लगा दें। जब विधायक दूसरे के कार्यों का श्रेय ले सकते हैं तो पार्षद अपने कार्य का श्रेय क्यों नहीं ले सकते हैं।
सड़क निर्माण पर लगे विधायक-पार्षद का नाम
पिछले साल यह मामला सामने आया था जहां सड़क निर्माण को विधायक और पार्षद दोनों के बोर्ड लगे थे। पार्षद के बोर्ड पर जिला योजना के तहत निर्माण लिखा गया था तो विधायक ने विधायक निधि के सौजन्य से। ऐसे में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई कि आखिर किसके सौजन्य से सड़क का निर्माण किया गया।