केंद्र सरकार के ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के जाति प्रमाणपत्र के नए फॉरमेट में अब माता-पिता का नाम अंकित होगा। इससे प्रदेश के ओबीसी श्रेणी के लोगों को बड़ी राहत मिली है।
अभी तक जाति प्रमाणपत्र में माता-पिता का नाम नहीं होने से पात्र लोगों को या तो मैनुअल प्रमाणपत्र लेने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे थे या फिर आरक्षण से हाथ धोना पड़ रहा था। अमर उजाला ने इस समस्या को 30 मार्च और दो मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के दो प्रकार के प्रमाणपत्र बनाए जाते हैं। इनमें एक प्रमाणपत्र राज्य के हिसाब से बनाया जाता है और दूसरा भारत सरकार की ओर से जारी किया जाता है। दोनों ही प्रमाणपत्रों का अलग-अलग प्रयोग होता है।