प्रदेश में 141 प्रशिक्षुओं को पैराग्लाइडिंग पायलट के लिए टेंडम फ्लाइट, क्रॉस कंट्री का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्हें अगले स्तर पर ले जाने के लिए छह माह में भीमताल व चंपावत में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने कहा, प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में पैराग्लाइडिंग की सुविधाएं विकसित की जाएगी। भीमताल में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण के लिए 20 से 25 बिस्तरों का छात्रावास तैयार किया जाएगा। जहां पर पूरे साल पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
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बृहस्पतिवार को पर्यटन सचिव ने साहसिक पर्यटन की बैठक ली। उन्होंने कहा, प्रदेश में 141 प्रशिक्षुओं को पैराग्लाइडिंग पायलट के लिए टेंडम फ्लाइट, क्रॉस कंट्री का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्हें अगले स्तर पर ले जाने के लिए छह माह में भीमताल व चंपावत में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने नए टेंडम पैराग्लाइडस खरीदने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा, वर्तमान में पैराग्लाइडिंग की गतिविधियां भीमताल व टिहरी तक सीमित हैं। पौड़ी जिले के नयार घाटी, चंपावत के लोहाघाट, उत्तरकाशी के मोरी, नैनीताल के कोटाबाग व बागेश्वर समेत प्रत्येक जिले में पैराग्लाइडिंग के बुनियादी ढांचा विकसित कर टेक ऑफ और लैडिंग चिह्नित किए जाएं। साहसिक पर्यटन से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। पर्यटन सचिव ने पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण को प्रभावी, सुलभ और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए एप बनाने के निर्देश दिए।