आपदा के चलते छह महीने का विस्तार मिलने के बाद अब पंचायतों का चुनाव वर्ष 2011 की जनगणना पर ही कराए जाएंगे। परिसीमन के लिए रैपिड सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए सप्लीमेंट्री बजट में 1.22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है।
पढ़ें, जल्द 'सुरक्षित' होगी खाद्य सुरक्षा योजना
सोमवार को मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसका फैसला लिया गया। दरअसल, सरकार भी इस बात से चिंतित है कि वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़े आ जाने के बाद अब 2001 की जनगणना पर हुए परिसीमन पर चुनाव नहीं कराए जा सकते।
पढ़ें, कांग्रेस में हिम्मत हैं तो कुछ कर के दिखाए: निशंक
ऐसा किए जाने पर किसी को भी अदालत में जाने का मौका मिलेगा और चुनाव लटकता चला जाएगा। बताया गया कि इसी को ध्यान में रखते हुए अब पंचायतों के परिसीमन का फैसला लिया गया है। इसके लिए रैपिड सर्वे कराकर किसी भी तरह से 28 मार्च तक चुनाव करा लिए जाएंगे।
पढ़ें, केदारनाथ पूजा पर गरमाई सियासत
बैठक में सर्वे और परिसीमन आदि के लिए महकमे को 1.22 करोड़ रुपए का प्रावधान सप्लीमेंट्री बजट में करने को कहा गया है। पंचायतों का कार्यकाल इस महीने खत्म हो रहा है। लेकिन आपदा के कारण सरकार ने छह महीने के लिए पंचायत चुनाव टाल दिया है। इतना वक्त परिसीमन कार्य करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।