पंचायतों के आरक्षण में सरकार का एक बार फिर से उलझना तय है। नए परिसीमन के कारण तस्वीर बदल गई है। ऐसे में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायतों के वार्ड में 20 प्रतिशत का फे रबदल होने की संभावना है। ऐसे में आरक्षण के बदलने की भी पूरी संभावना है।
सरकार दबाव में
ठीक लोक सभा से पहले हो रहे पंचायत चुनाव के कारण भी इस बार सरकार खासे दबाव में हैं। फिलहाल पंचायतों में भाजपा का दबदबा है और लोक सभा चुनाव में एक सकारात्मक बढ़त बनाने के लिए कांग्रेस पर पंचायत चुनाव में बेहतर प्रदर्शन का दबाव है। इस बार पंचायत चुनाव का कार्यक्रम बेहद कसा हुआ रहेगा।
राजनीतिक दलों को मिलेगा फायदा
ऐसे में राजनीतिक दलों को ज्यादा समय शायद ही मिल पाए। अभी ग्राम पंचायतों का परिसीमन हुआ है। इससे करीब 277 ग्राम पंचायतें बढ़ गई हैं। 25 दिसंबर तक ग्राम पंचायत वार्डों का परिसीमन होने की संभावना है। इसके बाद शासन को क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों वार्डों का परिसीमन करना है।
इसके बाद जाकर आरक्षण के लिए कसरत शुरू हो पाएगी। 29 मार्च से पहले चुनाव होने हैं। जाहिर है कि आरक्षण को भी कम से कम समय में निपटाने की कोशिश होगी।