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पाक के ऑनलाइन ठगों ने भारत में मचाई लूट

Tue, 18 Nov 2014 02:37 PM IST
केके शर्मा/ अमर उजाला, रुड़की
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अगर कोई फोन पर खुद को बैंक अधिकारी बता आपसे खाते व एटीएम से जुड़ी गोपनीय जानकारियां मांगता है तो सावधान हो जाएं। रुड़की में बीते दो माह के दौरान 10 से ज्यादा लोग इस तरह ऑनलाइन ठगे जा चुके हैं।
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खाते से जुड़ी ऐसी जानकारी देते ही उनकी सालों की मेहनत की कमाई मिनटों में साफ हो गई। ठगे जाने वाले में पढ़े-लिखे लोग ज्यादा हैं। इसके बाद न तो आपके पैसे वापस हो पाएंगे और न अपराधी पकड़े जा सकेंगे क्योंकि शहर की पुलिस खुद को लाचार बता पल्ला झाड़ लेती है।

इस बारे में पुलिस का कहना है कि गिरोह बड़े महानगरों के अलावा पाकिस्तान तथा अन्य देशों से संचालित हो रहा है। उसके पास न तो साइबर क्राइम विशेषज्ञ हैं और न ही थाने की पुलिस को इसकी जानकार है।
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चूंकि पुलिस के पास ऐसे अपराधों को रोकने के लिए संसाधन नहीं हैं इसलिए वह मुकदमा दर्ज करने से भी बचती है। पीड़ित खाताधारक केस दर्ज कराने के लिए चक्कर लगाता रहता है।

भटक रहे खाताधारक

सैन्यकर्मी एके सिंह से 30 अक्तूबर को फोन पर खाते से जुड़ी तमाम गुप्त जानकारी ठग गिरोह ने बैंक अधिकारी बनकर मांगी और ऑनलाइन 42 हजार रुपए खाते से निकल गए। अभी तक घटना का मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।

अक्तूबर के महीने में ही आदर्श नगर निवासी एसके कौशिक के खाते से भी इसी तरह से 71 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई थी। इस घटना का भी मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है।

रुड़की में रहने वाले एक फैक्ट्री के अधिकारी राजन से भी अक्तूबर माह में ऑनलाइन ठगी की गई थी। पुलिस को तहरीर दी गई थी। लेकिन आज तक न तो आरोपी पकड़े गए और न ही मुकदमा दर्ज हो सका है।

इस तरह से करते है ठगी
ये साइबर ठग बड़ी होशियारी से फोन पर खुद को बैंक अधिकारी बताते हैं। एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करने वाले बैंक उपभोक्ताओं के खाते और एटीएम कार्ड का नवीनीकरण करने के नाम पर कार्ड के पासवर्ड आदि की जानकारी ले लेते हैं।

इसके बाद कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर या ऑन लाइन शॉपिंग कर लोगों को चूना लगा देते है।
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क्या रखें सावधानी

कोई भी बैंक इस तरह फोन पर गोपनीय जानकारियां नहीं मांगता है। इसलिए अगर कोई खुद को बैंक अधिकारी बता कर खाते से जुड़ी जानकारी मांगे तो कोई भी जानकारी न दें। अपने एटीएम कार्ड का पासवर्ड और कोडवर्ड किसी को न बताए।

एटीएम कार्ड किसी को न दे। एटीएम मशीन से रकम निकालते समय किसी को केबिन में न आने दें। एटीएम संचालन के लिए किसी अनजान व्यक्ति से मदद भी न लें। यदि कहीं कोई संदेह हो तो अपनी शाखा के प्रबंधक को भी सूचित करें।

एसटीएफ के पास जरूरी संसाधन
पुलिस और एसओजी के पास ऑनलाइन ठगों की धरपकड़ के लिए कोई संसाधन नहीं हैं। इन पर एसटीएफ जरूर कार्रवाई करती है। एसटीएफ के पास जरूरी संसाधन होते हैं।

विदेश से फोन पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह पर सीबीआई ही इंटरपोल की मदद से कार्रवाई कर सकती है। देश के अंदर विभिन्न राज्यों से ठगी करने वाले इस गिरोह की धरपकड़ के लिए एसटीएफ काम कर रही है। इस गिरोह के खिलाफ एसटीएफ को सुराग मिल रहे हैं। जल्दी ही इसका भंडाफोड़ किया जाएगा।
- डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, एसटीएफ
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