दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल और एयर चीफ मार्शल रहे पद्मश्री एचएल कपूर का शुक्रवार को निधन हो गया। 97 साल के कपूर ने राजपुर रोड स्थित अपनी बेटी के आवास पर अंतिम सांस ली। उनका लक्खीबाग श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
एचएल कपूर कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन पर राजनीतिक और कई अन्य संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। अंतिम संस्कार के वक्त भी लक्खीबाग श्मशान घाट पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे।
इससे पहले राजपुर रोड स्थित उनकी बेटी के आवास पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी शोक व्यक्त किया और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। सिंह ने कहा कि उनके योगदान का देश हमेशा ऋणी रहेगा। कहा कि कांग्रेस परिवार हमेशा उनके परिवार के साथ खड़ा है। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए वायुसेना के अधिकारी भी पहुंचे थे।
एचएल कपूर 16 नवंबर 1985 से तीन अगस्त 1988 तक दिल्ली के उपराज्यपाल रह चुके हैं। वे लंबे समय से अपनी बेटी के साथ रह रहे थे। उनका जन्म 10 दिसंबर 1923 को रोहतक हरियाणा में हुआ था। पद्मश्री कपूर राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के संस्थापक चेयरमैन भी रहे हैं।
उन्होंने ग्रेजूएशन लाहौर (अब पाकिस्तान में) से की और 1942 में इंडियन एयरफोर्स में नियुक्ति पाई थी। 1978 में एयरचीफ मार्शल बने और अगले साल सेवानिवृत्त हो गए। उन्हें 1973 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और 1979 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।