देश के जाने-माने भूगर्भ वैज्ञानिक डॉ. केएस वल्दिया को भूगर्भ क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर पद्म भूषण सम्मान मिला है। मूलत: पिथौरागढ़ के रहने वाले और वर्तमान में नैनीताल में रह रहे डॉ. वल्दिया कुमाऊं विवि के कुलपति भी रह चुके हैं।
साथ ही कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मूल रूप से अल्मोड़ा के स्युनराकोट निवासी गीतकार को प्रसून जोशी को पद्मश्री अवॉर्ड मिला है।
प्रो. वाल्दिया ने जियोलाजी ऑफ कुमाऊं लेसर हिमालय, डायनामिक हिमालया, नैनीताल एंड ईस्ट एनवायरमेंटल जियोलाजी, एक थी नदी सरस्वती, जियोलॉजी, एनवायरमेंट एंड सोसाइटी आदि किताबें लिखी हैं। पद्म भूषण पुरस्कार की जानकारी मिलते ही नैनीताल स्थित उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
उत्तराखंड को गौरवान्वित करने वाले गीतकार प्रसून जोशी के पिता शिक्षा विभाग में अधिकारी के रूप में कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में सेवाएं दे चुके हैं। प्रसून की रिश्तेदारी चौसार में है, जहां उनका कभी-कभी जाना-आना होता है।