फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नींद खराब होने पर भिड़े PAC जवान और किसान

Tue, 22 Jul 2014 04:02 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
देहरादून निरंजनपुर सब्जी मंडी परिसर में किसानों के सब्जी की बोली लगाने से नींद टूटी तो पीएसी जवान लाठियां लेकर उन पर टूट पड़े।
विज्ञापन


मारपीट के बाद जवानों ने किसानों को दौड़ा-दौड़ाकर मंडी से खदेड़ दिया। इस दौरान एक किसान का सिर फट गया, जबकि दो अन्य चोटिल हो गए।

इस बीच एक जवान भी घायल हुआ। किसानों ने मंत्री प्रीतम सिंह से मुलाकात कर घटना पर नाराजगी जताई। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।

निरंजनपुर सब्जी मंडी में टमाटर बेचने आए ‌थे किसान

टिहरी जिले के नैनबाग से दर्जनों किसान हर सुबह निरंजनपुर सब्जी मंडी के नए परिसर में टमाटर बेचने आते हैं।

परिसर में इन दिनों 43वीं वाहिनी पीएसी की बटालियन ठहरी है। सोमवार सुबह चार बजे किसान मंडी पहुंचे और टमाटर के कैरेट वाहनों से उतारने के बाद बिक्री के लिए बोली लगानी शुरू कर दी।

किसानों की चहल-पहल बढ़ी तो शोरगुल होने लगा। इससे भीतर सोए पीएसी जवानों की नींद में खलल पड़ने लगा। इस बीच सादी वर्दी में एक जवान बाहर आया और किसानों को शोर न करने के लिए कहा।

उसका कहना था कि पीएसी जवान कुछ देर पहले ही ड्यूटी से लौटकर आए हैं। जवान ने रौब गांठने की कोशिश की तो किसानों ने भी उसी अंदाज में जवाब दिया।

किसानों के साथ हुई जवान की हाथापाई

विवाद बढ़ा और कुछ किसानों के साथ जवान की हाथापाई हो गई। मारपीट में जवान के हाथ पर चोट आ गई। उसने शोर मचाया तो पीएसी के बाकी जवान लाठियां लेकर बाहर आ गए।

आरोप है कि जवानों ने आते ही किसानों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। इससे मंडी परिसर में अफरातफरी मच गई। लाठी लगने से किसान रवि पंवार का सिर फट गया, जबकि राजीव और अमर सिंह को चोटें आई।

जवानों ने किसानों को मंडी से खदेड़ दिया। बाद में आढ़ती और किसान जुटे और मंडी समिति के सचिव विजय थपलियाल को घटना की जानकारी दी।

पीएसी को ठहराने पर सवाल

घायलों का मेडिकल कराने के बाद किसान मंत्री प्रीतम सिंह के आवास पर पहुंच गए।

मंत्री ने एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर को मौके पर बुलाया और घटना पर नाराजगी जताई। इस पर पुलिस ने घायल किसानों की मेडिकल रिपोर्ट और तहरीर ले ली। हालांकि, कुछ देर बाद दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया।

किसानों और आढ़तियों ने पीएसी जवानों के लाठियां फटकारने को मनमानी करार दिया। किसानों का कहना था कि मंडी में सब्जी बेचने के दौरान बोली तो लगेगी ही।

उन्होंने पीएसी को मंडी परिसर में ठहराने पर सवाल उठाया। जवानों को अन्यत्र शिफ्ट करने का अनुरोध मंत्री से किया गया।
विज्ञापन

पुलिस करती है वसूली

विवाद के बाद मंत्री के घर पर बातचीत के दौरान पुलिस द्वारा किसानों से वसूली के आरोप भी लगे।

राजेश नौटियाल के नेतृत्व में किसानों ने एसपी सिटी को बताया कि नई टिहरी और चकराता से टमाटर और अन्य सब्जियां लेकर आने वाले किसानों से पुलिस कई स्थानों पर वसूली करती है।

हर प्वाइंट पर 50 रुपए लिए जाते हैं। इससे वाहन को दून पहुंचाने तक 250 से 300 रुपए खर्च करने पड़ते हैं। एसपी ने किसानों को लिखित शिकायत देने के लिए कहा। कहा कि शिकायत मिलते ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सब्जी मंडी परिसर में शोरगुल होने पर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। किसानों के साथ पीएसी का एक जवान भी जख्मी हुआ था। मेडिकल कराने के बाद तहरीर ली गई थी, लेकिन दोनों पक्षों में सुलह होने के बाद दोनों ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।
- नवनीत सिंह भुल्लर, एसपी सिटी

(नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी-rakeshk@mrt.amarujala.com और इस नंबर-9675501486 पर संपर्क कर सकते हैं।)
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें