आदेश में कहा गया है कि खाद्यान्न तय स्टॉक से कम पाया गया है। इस पर विपणन निरीक्षक अमित कुमार सिंह से 28 लाख 90 हजार से अधिक, विपणन निरीक्षक इशरत अजीम से 28 लाख 90 हजार से अधिक एवं विपणन सहायक से 14 लाख 45 हजार से अधिक की वसूली की जाएगी। इसके अलावा गोदाम के वरिष्ठ विपणन अधिकारी रहे कैलाश चंद्र पांडे से भी 72 लाख की वसूली का आदेश किया गया हैं।
शासन ने आयुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति को दिए आदेश में कहा है कि मामले में धनराशि की वसूली करते हुए की गई कार्रवाई से शासन को अवगत कराया जाए। वरिष्ठ विपणन अधिकारी कैलाश चंद पांडे से 50 फीसदी, विपणन निरीक्षक अमित कुमार सिंह से 20 फीसदी, विपणन अधिकारी इशरत अजीम से 20 फीसदी एवं विपणन सहायक दिनेश लाल से 10 फीसदी धनराशि की वसूली होगी।
ऐसे पकड़ में आया मामला
गोदाम के नए प्रभारी को एक नवंबर 2018 तक जार्च सौंपने की तैयारी थी। इसे लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थी, लेकिन चार्ज लेने से पहले नए प्रभारी ने गोदाम में रखे खाद्यांन कोटे की गिनती कराई। इसमें स्टॉक रजिस्टर में अंकित खाद्यांन कोटे व वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया।
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विपणन निरीक्षक लियाकत को राहत
खाद्यान्न घपले में आरोपी रहे विपणन निरीक्षक लियाकत हुसैन को प्रकरण की जांच के बाद शासन ने राहत दी है। लियाकत के बारे में बताया गया है कि खाद्यांन घपले के दौरान वह किसी दूसरी जगह संबद्ध थे। जांच में बात सही पाए जाने पर अब उनसे 20 लाख 23 हजार से अधिक की वसूली नहीं होगी।
सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। प्रकरण में आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
-रेखा आर्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री