साइबर ठगी के शिकार चकराता क्षेत्र के दो ग्रामीणों को न्यायालय से राहत मिली है। न्यायिक मजिस्ट्रेट चकराता आकाश कुमार की अदालत ने मंगलवार को दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए ओडिशा के बैंक खातों में फ्रीज मिली ठगी की रकम को पीड़ितों को लौटाने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने यह धनराशि निर्धारित बंधपत्र जमा करने की शर्त पर वापस करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत में चले पहले मामले के अनुसार, चकराता के सलगा गांव निवासी राहुल के सेंट्रल बैंक खाते से बीते 28 फरवरी को साइबर ठगों ने 4,982 रुपये की चपत लगाई थी। शिकायत के बाद जांच में यह रकम ओडिशा के कटक जिले (बजाकाराबती रोड) निवासी नयना बैहरा के बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में फ्रीज मिली। अदालत ने इस मामले में पीड़ित राहुल को न्यायालय में एक हजार रुपये का बंधपत्र प्रस्तुत करने पर उसकी फ्रीज रकम लौटाने के निर्देश दिए हैं।
दूसरा मामला चकराता के बुरास्वा निवासी रघुवीर सिंह रावत से जुड़ा है। उनके भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) खाते से बीते 29 जनवरी को 10 हजार रुपये की साइबर ठगी हुई थी। पुलिस की कार्रवाई में यह रकम ओडिशा के भुवनेश्वर जिले (नवरंगपुर एसबीआई रोड) निवासी ललिता दास के बैंक ऑफ महाराष्ट्र खाते में होल्ड कराई गई थी। अदालत ने पीड़ित रघुवीर सिंह रावत को 10 हजार रुपये का बंधपत्र जमा करने पर उनकी फ्रीज रकम वापस लौटाने का आदेश पारित किया है। इस फैसले से पीड़ितों में अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने की उम्मीद जगी है।