देहरादून। आयुर्वेदिक इलाज कराने पर खर्च का क्लेम देने से इनकार करने वाली बीमा कंपनी को यह क्लेम 30 दिन के भीतर चुकाना होगा। जिला उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह ग्राहक को 15 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और तीन हजार रुपये वाद खर्च भी अदा करे।
जिला उपभोक्ता फोरम को अनुज कुमार सिंघल और उनकी पत्नी शिप्रा सिंघल ने शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार उन्होंने न्यू इंडिया इश्योरेंस कंपनी से मेडिक्लेम पॉलिसी ली थी। यह पॉलिसी सितंबर 2017 से सितंबर 2018 तक वैध थी। इसी दौरान शिप्रा को नवंबर 2017 में रीढ़ में परेशानी के चलते आयुर्मेक्स अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यहां उनका इलाज चला और उनके इलाज पर 60 हजार रुपये खर्च हुआ।
इसका क्लेम जब सिंघल परिवार ने कंपनी के सामने प्रस्तुत किया तो कंपनी ने क्लेम देने से इनकार कर दिया। कंपनी ने कहा कि यह अस्पताल आयुर्वेदिक है और उनकी कंपनी एलोपैथिक इलाज का ही क्लेम देती है। इस बात को आधार बताते हुए कंपनी ने जिला उपभोक्ता फोरम में भी अपना पक्ष रखा, लेकिन फोरम ने इसे निराधार बताया। पाया गया कि कंपनी की शर्तों में इस तरह की कोई शर्त शामिल नहीं है। यह अस्पताल भी सरकार से मान्यता प्राप्त है, लिहाजा पीड़ित को कंपनी क्लेम देने की अधिकारी है।