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बंटवारे के साथ बदलेंगे एसपी और सीओ के कार्य क्षेत्र

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देहरादून। पुलिस कार्यों में संतुलन बनाने को लेकर जिले में होने वाले बंटवारे के साथ एसपी के अलावा कई पुलिस उपाधीक्षकाें के कार्य क्षेत्र बदलेंगे। डीआईजी अरुण मोहन जोशी को गृह विभाग के आदेश का इंतजार है। इसके बाद नए सिरे से पुलिस सर्किलाें का पुनर्गठन होगा। इसी बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एसपी ईस्ट और एसपी वेस्ट के स्थान पर परवादून और पछवादून के नाम रखने का सुझाव दिया है।
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पुलिस व्यवस्था के लिहाज से देहरादून जिले को आधा-आधा बांटने की तैयारी में है। बंटवारे की यह लाइन शहर कोतवाली को मध्य मानकर की गई है। शहर कोतवाली से लेकर ऋषिकेश तक एसपी ईस्ट (परवादून) का इलाका होगा। कैंट कोतवाली से लेकर विकासनगर, त्यूणी तक एसपी वेस्ट (पछवादून) का पर्यवेक्षण होगा। एसपी पछवादून में 11 थाने और एसपी परवादून में 10 थाने का प्रस्ताव है। परवादून पर आंदोलनों के चलते कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहेगी। इस लिहाज से रायपुर थाने में पुलिस बल बढ़ाया जाएगा। बंटवारे में थाने बदलने के कारण सीओ के सर्किलों का भी नए सिरे से पुनर्गठन होगा। शासन ने इस बंटवारे पर सहमति तो दे दी, लेकिन अभी आदेश जारी नहीं हुआ। डीआईजी अरुण मोहन जोशी गृह विभाग से आदेश जारी होने के बाद नए सिरे से सर्किल संबंधी आदेश जारी करेंगे।
अब तक यह है व्यवस्था
देहरादून जिले में पुलिस लिहाज से अब तक एसपी सिटी और एसपी देहात जिले के 21 थानों का पर्यवेक्षण करते थे। सिटी क्षेत्र में 10 और देहात में 11 थाने पड़ते थे। 11वां थाना हाल में ही सेलाकुई चौकी को प्रमोट कर बनाया गया था। इस व्यवस्था के तहत एसपी देहात का कार्य जटिल माना जाता था। इसमें पछवादून से लेकर ऋषिकेश का देहात इलाका आता है। इस व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए पुलिस अधिकारी काफी समय से अध्ययन कर रहे थे। बंटवारे के बाद आधा जनपद एसपी ईस्ट और आधा एसपी वेस्ट के पर्यवेक्षण में होगा।
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कौन थाना होगा किधर
-एसपी ईस्ट के पर्यवेक्षण में शहर कोतवाली, डालनवाला, रायपुर, नेहरू कॉलोनी, पटेलनगर, डोईवाला, रानी पोखरी, रायवाला, क्लेंमेंटटाउन और ऋषिकेश का प्रस्ताव है।
-एसपी वेस्ट के हवाले कैंट कोतवाली, प्रेमनगर, वसंत विहार, सेलाकुई, सहसपुर, विकासनगर, चकराता, त्यूणी, और कालसी थाने किए गए हैं। दो थानों मसूरी और राजपुर को लेकर अंतिम फैसला होना बाकी है।
अलग से होगा वीआईपी पुलिस अधिकारी
जिले में आने वाले वीआईपी की अगवानी करने को अलग से पुलिस अधिकारी की तैनाती होगी। शासन इस पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। देहरादून जिले में एयरपोर्ट और कई बड़े संस्थान होने के कारण वीआईपी का निरंतर आवागमन रहता है। इस लिहाज से पुलिस वीआईपी ड्यूटी में काफी व्यस्त रहती है। इस बंटवारे के साथ वीआईपी प्रोटोकाल के लिए अलग से अधिकारी की नियुक्ति का भी प्रस्ताव है।
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