उधमसिंह नगर जिले की किच्छा सीट से विधायक तिलक राज बेहड़ के साथ दुर्व्यवहार किए जाने के मामले में संसदीय कार्यमंत्री ने किच्छा प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार को हटाने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में कांग्रेस विधायकों ने सदन में खूब हंगामा किया।
नियम 58 के तहत विधायक बेहड़ ने उनके साथ पुलिस की ओर से दुर्व्यवहार का प्रश्न उठाया। संसदीय कार्यमंत्री के जवाब से विपक्षी सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
विपक्षी सदस्यों ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। जनप्रतिनिधियों का अपमान किया जा रहा है। विधायक बेहड़ के प्रश्न पर जवाब देने के लिए संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल खड़े हुए। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी स्तर पर जांच की जा रही है। अभी तक की जांच में थाना स्तर पर कोई गलती सामने नहीं आई है।
जहां तक जन प्रतिनिधियों के सम्मान की बात है तो इसके लिए पहले से ही आदेश हैं कि सभी जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान दिया जाए लेकिन संसदीय कार्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने वेल में आकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर दी। इसके बाद पीठ ने दोपहर तीन बजे तक सदन स्थगित कर दिया।
भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विधायक तिलक राज बेहड़ ने इस मामले को फिर उठाते हुए कार्रवाई की मांग की। इस पर संसदीय कार्यमंत्री ने कोतवाल को हटाए जाने के आदेश दिए। तब जाकर मामला शांत हुआ।
यह था मामला
किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने 21 मई को नगर में सोमवार व शुक्रवार को लगने वाले हाट में यातायात व्यवस्था ठीक करने के लिए दो पुलिस कर्मियों की तैनाती के संबंध में निजी स्टाफ के जरिये किच्छा कोतवाल के पास पत्र भेजा था, लेकिन वहां तैनात प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार ने पत्र पढ़ने के बाद उसे फेंक दिया और कहा कि उनके पास फोर्स नहीं है।
इसके बाद बेहड़ ने इसकी जानकारी 23 मई को पत्र लिखकर पुलिस उप महानिरीक्षक कुमाऊं मंडल व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंह नगर को दी, लेकिन इसके बाद प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इसे विधायक का अपमान बताया।