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आपदा का खौफ, केवल एक आदमी जाएगा केदारनाथ!

Wed, 09 Apr 2014 09:38 AM IST
अमर उजाला, गोपेश्वर
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जलप्रलय का खौफ अभी भी खत्म नहीं हो पाया है। हालात काफी हद तक सामान्य होने के बावजूद तीर्थयात्री केदारनाथ आने को तैयार नहीं हैं।
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केदारनाथ यात्रा शुरू होने में अब जबकि एक माह से भी कम वक्त शेष रह गया है, तब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को अभी तक धाम की पूजा के लिए मात्र एक तीर्थयात्री की ही बुकिंग मिली है। यह तीर्थयात्री मुंबई का है।

पिछले वर्ष की बात करें तो 10 अप्रैल तक केदारनाथ धाम के लिए 117 और बदरीनाथ के लिए 203 तीर्थयात्रियों की एडवांस बुकिंग बीकेटीसी को मिल चुकी थी।

बदरीनाथ धाम की पूजा के लिए इस बार आठ अप्रैल तक 56 तीर्थयात्रियों की बुकिंग आ चुकी हैं। इन तीर्थयात्रियों ने बीकेटीसी को 74 हजार रुपये की धनराशि भी ऑनलाइन भेजी हैं।
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टूर पैके‌‌जिंग के ल‌िए मिले मात्र 68 लाख

गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को पूरे गढ़वाल क्षेत्र में टूर पैकेज और लॉजिंग के लिए जनवरी से मार्च माह तक 68 लाख रुपये बतौर एडवांस मिले हैं।

पिछले सालों तक निगम को दो करोड़ रुपये एडवांस बुकिंग के रुप में मिल जाते थे। निगम के स्यालसौड़, चंद्रापुरी और रामबाड़ा में स्थित गेस्ट हाउस मंदाकिनी नदी की बाढ़ में ध्वस्त हो चुके हैं। जबकि केदारनाथ में निचली मंजिल में मलबा भरा हुआ है।

ऐसे में निगम के पास भी यात्रियों को ठहराने की जगह भी सीमित हो चुकी है। अभी तक एक भी बुकिंग नहीं मिली है।

गोपेश्वर में एक भी बुकिंग नहीं

जीएमवीएन गोपेश्वर के प्रबंधक चंदन कंडारी का कहना है कि गेस्ट हाउस का रंग-रोगन और साफ-सफाई कर दी गई है। लेकिन अभी तक एक भी बुकिंग नहीं मिली हैं।

बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर जोशीमठ, पीपलकोटी, नंदप्रयाग गेस्ट हाउस में भी एक बुकिंग भी नहीं आई हैं। जबकि बीते वर्ष बदरीनाथ यात्रा रूट के जीएमवीएन गेस्ट हाउस में जनवरी माह में ही करीब चार करोड़ रुपये की ऑन लाइन बुकिंग प्राप्त हो चुकी थी।

क्या कहते हैं अध‌िकारी
ओवर ऑल बुकिंग के लिए 68 लाख रुपये एडवांस मिले हैं, जो गत वर्षों की तुलना बहुत कम है।
-आरडी उनियाल, क्षेत्रीय प्रबंधक, जीएमवीएन।

यात्रा पड़ावों से चहल-पहल अभी भी गायब

चार धाम यात्रा की तारीख करीब आने के बावजूद यात्रा पड़ावों से चहल-पहल अभी भी गायब है। होटल एसोसिएशन अध्यक्ष अजयपुरी बताते हैं कि बीते सालों में दिसंबर-जनवरी में ही अगले यात्रा सीजन के शुरूआती दो माह के लिए होटल एडवांस में बुक हो जाते थे।

लोग बीते साल की आपदा से भयभीत हैं और सरकार अभी तक सुरक्षित यात्रा का भरोसा दिला पाने में नाकाम रही है। बीते सालों में अब तक एडवांस बुकिंग के भरोसे यात्रा पड़ावों पर चहल-पहल शुरू हो जाती थी।

शीतकाल में यजमानों के यहां भ्रमण कर लौटे यमुनोत्री के तीर्थ पुरोहित प्यारेलाल उनियाल ने बताया कि कई टूर ऑपरेटर तो चार धाम यात्रा पूरी कर लौटने के बाद भुगतान का ऑफर भी दे रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें बुकिंग नहीं मिल रही है।
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कपाट खुलने से पहले बुक हो जाते थे होटल-लॉज

केदारघाटी में अभी तक प्राइवेट होटल और लॉजों में यात्रा के लिए बुकिंग शुरू नहीं हो पाई है। जबकि पिछले वर्ष तक केदारघाटी के होटल और लॉज केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही बुक हो जाते थे।

केदारघाटी होटल ऑनर्स एसोसिएशन गुप्तकाशी के शिशुपाल सिंह का कहना है कि आपदा से व्यवसायियों का व्यवसाय चौपट हो गया है।

बदरीनाथ यात्रा पड़ावों के व्यवसायी भी मायूस
बदरीनाथ यात्रा पड़ावों पर व्यवसायी अपने होटल और लॉज सजाने में जुट गए हैं, लेकिन तीर्थयात्रियों की बुकिंग न आने से वे मायूस हैं। जोशीमठ के होटल व्यवसायी हरेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें अभी तक सिर्फ आठ तीर्थयात्रियों की बुकिंगें मिल पाई हैं।
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