उत्तराखंड में शिक्षकों को तबादलों के लिए अब विभागीय अधिकारियों और कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
70 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों का पूरा विवरण उत्तराखंड एजूकेशन पोर्टल में अपडेट किया जा रहा है। जिसके बाद शिक्षकों और कर्मचारियों के ऑनलाइन तबादले होंगे। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को अपने आवास पर इस पोर्टल का शुभारंभ किया।
प्रदेश के स्कूलों का वर्गीकरण और शिक्षकों के तबादले विभाग के लिए खासे चुनौतीपूर्ण रहे हैं। खुद शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इसके लिए सालभर माथापच्ची करनी पड़ती है। इसके लिए कई बार तबादला नियमावली तक संशोधित की गई, लेकिन अब शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादले मैनुअल न होकर ऑनलाइन होंगे।
एनआईसी और शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए एजूकेशन पोर्टल तैयार किया गया है। खास बात यह है कि इसमें शिक्षकों का पूरा विवरण होगा। स्कूल सुगम, अति सुगम है या फिर दुर्गम, अति दुर्गम किस श्रेणी का है इसका भी विवरण दर्ज होगा। इसके आधार पर तबादलों में शिक्षकों को मिलने वाले अंकों का निर्धारण होगा और शिक्षकों एवं कर्मचारियों के तबादले किए जाएंगे। अब तक शिक्षकों, कर्मचारियों से तबादलों के लिए आवेदन मांगे जाते थे। इसके बाद उनकी सेवाओं के अंकों के आधार पर रिक्त पदों पर उनके तबादले किए जाते रहे हैं।
प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर मुकेश बहुगुणा के मुताबिक शिक्षकों, कर्मचारियों, अधिकारियों के अलावा इस पोर्टल में हर छात्र का प्रोफाइल भी होगा। इससे आधार कार्ड को जोड़ा जाएगा। छात्रों की छात्रवृत्ति भी सीधे उनके खातों में दी जाएगी।
होंगे ऑनलाइन
- स्कूलों का मानकों के आधार पर वर्गीकरण।
- शिक्षकों, कर्मचारियों का सेवा संबंधी विवरण।
- स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का प्रोफाइल।
- शिक्षकों के रिक्त पदों का विवरण।
- स्कूलों का ऑनलाइन अनुश्रवण।
- शिक्षकों, कर्मचारियों का ऑनलाइन तबादला।
तबादलों में 80 फीसदी समय की बर्बाद होता है। एजूकेशन पोर्टल से समय बचेगा। तबादला नियमावली के अनुसार काउंसलिंग कर शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले होंगे।
- डी सेंथिल पांडियन, शिक्षा सचिव