आरटीओ कार्यालय के ऑनलाइन होने से टैक्स जमा करने से लेकर परमिट, गाड़ी ट्रांसफर कराने के लिए चक्कर पर चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। हालांकि अभी इसके लिए आम आदमी को कुछ दिनों और इंतजार करना पड़ेगा।
ऑनलाइन व्यवस्था होने से आरटीओ में कार्यरत कर्मियों को काफी फायदा मिलेगा। शुक्रवार को इसकी विधिवत शुरूआत हो गई।
पिछले चार अगस्त को नए रजिस्ट्रेशन के साथ आरटीओ ने ऑनलाइन होने की दिशा में जो कदम बढ़ाया था, आज वह मंजिल पर पहुंच गया। आरटीओ में हर कार्य अब ऑनलाइन होगा, इसका लिंक दिल्ली हेडक्वार्टर से जुड़ा होगा। गलत एंट्री होने पर सॉफ्टवेयर तुरंत बता देगा। एआरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने बताया कि आनलाइन चेसिस नंबर डालते ही निर्माता कंपनी का नाम, गाड़ी का कलर, पावर, व्हील की डिटेल कंप्यूटर स्क्रीन पर होगी।
ये है वेबसाइट
आरटीओ कार्यालय ऑनलाइन होने पर सभी कार्यो की एंट्री www.vahan4.com पर दर्ज होगी। पहले ऑफलाइन कार्य www.vahan1.com पर होता था।