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उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का कहर, एक और मौत

Wed, 11 Feb 2015 08:26 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी-देहरादून
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उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू पैर पसार रहा है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या चार हो गई है। इसके साथ ही प्रदेश में इससे संक्रमित 41 मरीजों में से अभी तक 6 पाजिटिव मिले हैं।
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स्वाइन फ्लू से कुमाऊं के एक और व्यक्ति की नई दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई। इस व्यक्ति के बडे़ भाई को भी स्वाइन फ्लू होने के संदेह में हल्द्वानी के बेस अस्पताल में भर्ती किया गया है। कुमाऊं में स्वाइन फ्लू से यह दूसरी मौत है, जबकि प्रदेश में चौथी। इससे पहले 8 फरवरी को ही काशीपुर के भी एक व्यक्ति की दिल्ली में स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी।

चंपावत जिले के खेतीखान निवासी और दिल्ली में कार्यरत एक व्यक्ति पिछले 20 दिन से नई दिल्ली के गुरु तेगबहादुर अस्पताल में भर्ती था, जिसकी 8 फरवरी को स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। बड़े भाई को भी बुखार आने पर शक हुआ कि भाई के साथ रहने के कारण उसे भी स्वाइन फ्लू न हो गया हो।
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बुखार तेज होने पर मंगलवार देर शाम वह खेतीखान (चंपावत) से बेस अस्पताल हल्द्वानी पहुंचा। डाक्टरों ने विवरण पूछने के बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया। बेस अस्पताल के फिजीशियन डॉ. पीएस टाकुली ने मरीज को देखा।

संक्रामक रोग विश्लेषक एनके कांडपाल और जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. जेएस बिष्ट भी अस्पताल पहुंच गए। डॉ. टाकुली ने बताया कि मरीज ए कैटेगिरी में हैं और स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं पड़ रहे हैं।

भाई के साथ रहने के कारण संदिग्ध मानकर आइसोलेशन वार्ड में रखा है। बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी पंत ने बताया कि मरीज का नैजो फैंरिजयल स्वाब (तालू के पीछे के हिस्से से रुई की सींक से स्वाब) का सैंपल लिया गया, जिसे जांच के लिए नेशनल कंम्यूनिकेबिल डिजीज सेंटर दिल्ली भेजा जाएगा।

न तो स्वाइन फ्लू की दवा, न जांच किट

हल्‍द्वानी स्थित कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल सुशीला तिवारी अस्पताल में न तो स्वाइन फ्लू की दवा है और न ही जांच के लिए किट। स्वाइन फ्लू की दवा सिर्फ बेस अस्पताल में मौजूद है। सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में अब तक दवा भी नहीं आई है।

एसटीएच में आइसोलेशन वार्ड मरीजों के लिए तैयार है। वेंटीलेटर की यहां सुविधा है। तीन बेड से बढ़ाकर जरूरत पड़ने पर दस बेड किए जा सकते हैं, लेकिन मरीजों की जांच के लिए कोई किट मौजूद नहीं है। कोई संदिग्ध मरीज आने पर उसका सैंपल लेकर जांच के लिए दिल्ली भेजा जाता है।

मेडिकल कालेज होने के बावजूद स्वाइन फ्लू की जांच को किट न होना आश्चर्यजनक है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी पुरोहित ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लिए बेस अस्पताल को ही सेंटर बनाया गया है। एसटीएच में अगर कोई मरीज आता है तो बेस अस्पताल से ही दवा दी जाएगी।

वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. नीलांबर भट्ट ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लिए अब तक कोई वैक्सीन बनी ही नहीं है। इंफ्लूजेन नामक वैक्सीन अन्य प्रकार के इंफ्लूएंजा को कवर करती है।

आज पहुंच जाएगी स्वाइन फ्लू की दवा

सीएमओ डॉ. हेमंत कुमार जोशी ने काशीपुर के सरकारी अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि काशीपुर के अलावा रुद्रपुर में भी आइसोलेशन वार्ड खोला गया है। जिसमें सभी प्राथमिक सुविधाएं मौजूद हैं।

उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू की (टेमीफ्लू) दवा का गुड़गांव की एक कंपनी को आर्डर दिया गया है। फिलहाल नैनीताल जिले से दवाएं मंगाई जा रही हैं। बुधवार को जिले में दवा उपलब्ध हो जाएंगी। दो माह पहले देहरादून से किट मिल चुकी हैं।

अब खांसी या बुखार का संदिग्ध रोगी आने पर स्वाइन फ्लू की जांच भी कराई जाएगी। इस मौके पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. केके शर्मा भी मौजूद थे।

विदेश से आने वालों पर विशेष नजर
सीएमओ ने बताया कि अफ्रीकी देशों से जिले में आने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। अफ्रीकी देशों से आने वाले लोगों की सूचना एसएसपी के माध्यम से मिल जाती है। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करती है।
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स्वाइन फ्लू के 41 संदिग्ध, 6 संक्रमित

उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के मामलों में वृद्धि हुई है। इससे संक्रमित 41 मरीजों में से अभी तक 6 पाजिटिव मिले हैं। सभी पाजिटिव मामले गढ़वाल के हैं जबकि कुमाऊं में अभी तक स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू से एक मौत रुड़की में हुई है।

स्वाइन फ्लू के सर्वाधिक मामले देहरादून जिले में सामने आ रहे हैं। इसके बाद हरिद्वार है। अन्य राज्यों से यहां आने वाले मरीजों की संख्या से यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। विभाग की माने तो सभी अस्पतालों में दवाओं के पर्याप्त इंतजाम कर दिए गए हैं। छह पाजिटिव मामलों में से देहरादून का पांच और हरिद्वार का एक है।

नैनीताल और ऊधमसिंह नगर से भी संदिग्ध मामलों की जानकारी मिली है। मंगलवार को संदिग्ध मरीजों के 17 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिसमें देहरादून के तीन संदिग्ध शामिल हैं।

विभाग का मानना है कि राज्य के अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीज अधिकतर वही हैं जो अन्य प्रदेशों में आते जाते रहते हैं। सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि इनका संक्रमण अन्य लोगों को होने से मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी न हो जाए।  

स्वाइन फ्लू के संदिग्ध 41 मामले सामने आए हैं। इसमें से छह में संक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में अलर्ट कर दिया है। साथ ही सभी अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है।
- डॉ. जीएस जोशी, स्वास्थ्य महानिदेशक
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