जिलाधिकारी सोनिका ने जिले में डेंगू के बढ़ते मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। जिलाधिकारी ने डेंगू की रोकथाम और बचाव के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
शुक्रवार को आयोजित बैठक में डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी से कहा कि जिले के समस्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य और प्रबंधकों को निर्देशित करें कि वह छात्र-छात्राओं को सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल में फुल ड्रेस, जिससे शरीर के सभी अंग ढके रहें पहनकर आने को कहें। डेंगू से बचाव के लिए मानक के अनुरूप क्या करें, क्या न करें के समुचित उपाय अपनाए जाएं। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि डेंगू रोगियों के दृष्टिगत अस्पतालों में चाकचौबंद व्यवस्था उपलब्ध रखें। उन्होंने नगर निगम को डेंगू की रोकथाम के लिए फॉगिंग और दवा के छिड़काव के निर्देश दिए। जबकि संबंधित अधिकारियों को जन-जागरुकता अभियान चलाने, प्रिंट, इलेट्रॉनिक, एफएम रेडियो और सोशल मीडिया आदि सभी माध्यमों में वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
अगर मिला ठहरा हुआ पानी या लार्वा तो होगा चालान
जिलाधिकारी ने कहा कि डेंगू से बचाव के उपायों (घर के खाली बर्तनों, गमलों, छतों, खुली बोतलों, कूलर, नालियों आदि में पानी जमा न हो आदि) के प्रति बच्चों को भी जागरूक किया जाए। उन्होंने सभी कार्यालयाध्यक्षों को कार्यालय में डेंगू उन्मूलन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आईसोलेशन वार्ड की व्यवस्था और प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि यदि किसी घर, रेस्टोरेंट, सिनेमा घर, मॉल, वर्कशॉप आदि स्थानों पर बार-बार ठहरा हुआ जल, लार्वा पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध चालान की कार्रवाई की जाए। सभी उपजिलाधिकारी अपने क्षेत्र में डेंगू को लेकर संबंधित विभाग के साथ बैठक करते हुए जन सहभागिता के साथ जागरुकता अभियान चलाएंगे। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती, जिला वेक्टर जनित रोग अधिकारी सुभाष जोशी आदि मौजूद रहे।