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चुनाव ड्यूटी ने अफसरों को कर दिया पैदल

Wed, 19 Feb 2014 10:56 AM IST
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
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अगले तीन महीने तक उत्तराखंड के अधिकारी सरकारी गाड़ी में सवारी नहीं कर पाएंगे।
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जिला प्रशासन ने पंचायत व लोकसभा चुनाव के लिए सभी विभागों से वाहन अधिग्रहण करने का आदेश आरटीओ को दिया है। दो दिन के भीतर 150 वाहन का अधिग्रहण होना है। इसमें विभागाध्यक्षों के वाहन भी शामिल है।

सरकारी वाहनों से काम चलाने की योजना
यह आदेश पुलिस और प्रवर्तन (इनफोर्समेंट) के काम में लगे विभागों पर लागू नहीं होगा। अमूमन चुनाव ड्यूटी के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट के वाहनों का अधिग्रहण होता है, लेकिन इस बार सरकारी वाहनों से काम चलाने की योजना है।
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आदेश के अनुसार अधिग्रहण के बाद विभाग जरूरत के अनुसार गाड़ियां किराये पर ले सकते हैं। अगर विभागों से 150 वाहनों का आंकड़ा पूरा नहीं होता है तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट के वाहन लिए जाएंगे। संभागीय परिवहन अधिकारी दिनेश चंद्र पठोई ने बताया अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है।
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अभी तक नहीं हुआ भुगतान
जानकारी के अनुसार विभागों से 150 वाहनों का आंकड़ा पूरा होना मुश्किल है। ऐसे में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के वाहनों का अधिग्रहण जरूरी होगा।

मसूरी कॉर्निवाल और अन्य कई आयोजनों में भी इन वाहनों का इस्तेमाल हुआ था, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में वाहन मालिक अधिग्रहण से बचने की जुगत में हैं।

सिटी बस वालों ने खड़े किए हाथ
विक्रमों की खिलाफ अभियान रुकने से नाराज सिटी बस संचालकों ने चुनाव ड्यूटी में प्रशासन का साथ देने से साफ इंकार कर दिया है।

बस संचालकों का कहना है कि जिन नेताओं के कहने पर आरटीओ ने कार्रवाई रोकी है, उन्हीं नेताओं के विक्रम और टाटा मैजिक चुनाव ड्यूटी में लगाए जाएं।

सिटी बस महासंघ के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने बताया किसी भी हाल में बसों को चुनाव ड्यूटी पर नहीं भेजा जाएगा।
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