इन जनाब ने राजधानी के संशोधित मास्टर प्लान की आपत्तियों को निस्तारित करने के लिए अपने मातहत अधिकारियों की बैठक ले ली। अपने अधिकारियों से विस्तार से चर्चा भी की, लेकिन इसकी सूचना मीडिया को नहीं दी।
बैठक कहां हुई, पता करने पर जानकारी मिली की जनाब नेताओं से घबराते हैं। कारण यह कि मीडिया में जैसे खबरें छपेंगी, नेताजी उन्हें पकड़ लेंगे। अपने कार्यकर्ताओं के चार आवेदन लेकर सिफारिश करने में लग जाएंगे, जिससे मास्टर प्लान को फाइनल करना मुश्किल हो जाएगा।